Muzaffarpur News: बिहार में मानसून की दस्तक के साथ ही जलजमाव और मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ने लगा है. इसे देखते हुए मुजफ्फरपुर स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू के संभावित खतरे से निपटने के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. विभाग ने जिले के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रहने का कड़ा निर्देश जारी किया है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) से लेकर सदर अस्पताल तक में विशेष डेंगू वार्ड आरक्षित करने को कहा गया है. इन वार्डों में मरीजों को मच्छरों से सुरक्षित रखने के लिए मच्छरदानियों, दवाओं और सभी जरूरी जीवन रक्षक उपकरणों की मुस्तैद व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है.
मुफ्त जांच और दवाओं का रहेगा पर्याप्त स्टॉक
स्वास्थ्य विभाग का मुख्य जोर इस बात पर है कि डेंगू के मरीजों को समय पर इलाज मिल सके. इसके लिए सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में एलाइजा और रैपिड टेस्टिंग किट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं. मरीजों को इलाज या जांच के लिए बाहर न जाना पड़े, इसके लिए जरूरी दवाओं का एडवांस स्टॉक जमा किया जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी खुद इन व्यवस्थाओं की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं ताकि आपातकालीन स्थिति में किसी भी तरह की किल्लत न हो.
ओपीडी में चलेगा जागरूकता अभियान
अस्पतालों में इलाज के साथ-साथ बचाव पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है. अस्पतालों की बाह्य रोगी विभाग (OPD) में आने वाले हर मरीज और उनके तीमारदारों को डेंगू के लक्षण तथा इससे बचाव के तरीकों के बारे में विस्तार से समझाया जा रहा है. उन्हें बताया जा रहा है कि घरों के आसपास पानी जमा न होने दें. इसके अलावा अस्पताल परिसर के मुख्य द्वारों और दीवारों पर बैनर-पोस्टर लगाए गए हैं, ताकि लोग जागरूक हो सकें.
निजी अस्पतालों को सख्त हिदायत
निजी चिकित्सा संस्थानों पर भी स्वास्थ्य विभाग कड़ी नजर रख रहा है. सभी निजी अस्पतालों और क्लीनिकों को सख्त गाइडलाइन जारी कर कहा गया है कि यदि उनके यहाँ डेंगू का कोई भी संदिग्ध या पुष्ट मरीज आता है, तो उसकी रिपोर्ट तुरंत जिला स्वास्थ्य समिति को सौंपें. किसी भी स्तर पर मामले को छिपाने या लापरवाही बरतने पर संबंधित अस्पताल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
