मुजफ्फरपुर से कुमार दीपू की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: गर्मियों का मौसम शुरू होते ही बच्चों में फैलने वाले खतरनाक चमकी बुखार (एईएस) को लेकर मुजफ्फरपुर का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट हो गया है. इस बार बीमारी पर शुरुआती चरण में ही काबू पाने और बच्चों को समय पर इलाज मुहैया कराने के लिए विभाग ने आशा कार्यकर्ताओं को मोर्चे पर तैनात किया है. अब आशा कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों में घर-घर जाकर सर्वे करेंगी और ऐसे बीमार बच्चों की पहचान करेंगी जो पिछले चार या उससे अधिक दिनों से बुखार से पीड़ित हैं.
लक्षण दिखते ही तुरंत अस्पताल पहुंचाएंगी आशा
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी ताजा गाइडलाइन के अनुसार, सर्वे के दौरान यदि किसी भी बच्चे में तेज बुखार के साथ चमकी या एईएस के शुरुआती लक्षण मिलते हैं, तो आशा कार्यकर्ता बिना कोई समय गंवाए उसे नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में भर्ती कराएंगी. इस काम में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. आशा कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया है कि वे हर एक बच्चे की सेहत पर पैनी नजर रखें ताकि स्थिति गंभीर होने से पहले ही उसका इलाज शुरू किया जा सके.
जिले के सभी पीएचसी अलर्ट मोड पर, बेड और दवाएं तैयार
चमकी बुखार के संभावित खतरे को देखते हुए सिविल सर्जन और स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी पीएचसी प्रभारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं. सभी चिकित्सा अधिकारियों को चौबीसों घंटे अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है. अस्पतालों में चमकी बुखार से निपटने के लिए जरूरी जीवन रक्षक दवाओं, ओआरएस और विशेष बेडों की मुकम्मल व्यवस्था कर ली गई है. अधिकारियों का कहना है कि एईएस से निपटने के लिए जागरूकता और समय पर इलाज ही सबसे बड़ा हथियार है.
