मुजफ्फरपुर से चंदन सिंह की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: शहर के चर्चित गोविंद हत्याकांड में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. वारदात को अंजाम देने के लिए अपराधियों ने बेहद फूलप्रूफ प्लानिंग तैयार की थी. आइकॉन टावर अपार्टमेंट के चौथे फ्लोर स्थित फ्लैट नंबर 406 में 15 मई से ही लाइनर और शूटर डेरा जमाए हुए थे. गोविंद की हत्या करने से ठीक पहले इन बदमाशों ने फ्लैट के अंदर चिकन और शराब पार्टी की थी. सोमवार को जब नगर थाने की पुलिस और एसटीएफ की टीम फ्लैट में दाखिल हुई, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गई. कमरे में पतीले में चिकन की ग्रेवी, शराब के दो टेट्रा पैक, फर्श पर सिगरेट के टुकड़े, मोबाइल चार्जर और चप्पलें बिखरी पड़ी थीं. वारदात के बाद शूटर कमरे का दरवाजा खुला छोड़कर भाग निकले थे.
फर्जी नाम-पते पर लिया गया था फ्लैट
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस फ्लैट को मई के दूसरे सप्ताह में किराए पर लिया गया था. इसके लिए जो दस्तावेज जमा किए गए, उसमें लाइनर ने अपना नाम पारू के मठिया निवासी सौरभ कुमार बताया था. पुलिस को आशंका है कि लाइनर द्वारा दिया गया पहचान पत्र पूरी तरह फर्जी है, जिसकी जांच टेक्निकल सेल कर रही है. शूटर कई दिनों से इसी कमरे में बैठकर गोविंद के आने का इंतजार कर रहे थे. जैसे ही गोविंद की फॉर्च्यूनर आती दिखी, शूटरों ने उस पर हमला कर दिया.
गोविंद की कारों और एग्रीमेंट की जांच तेज
जिस फ्लैट नंबर 205 में गोविंद रहता था, उसका एग्रीमेंट उसके रिश्तेदार सुशांत कुमार के नाम पर था. पुलिस ने अपार्टमेंट के बेसमेंट में खड़ी गोविंद की फॉर्च्यूनर और स्विफ्ट डिजायर कार का लॉक खोलकर सघन तलाशी ली है. जांच में पता चला है कि फॉर्च्यूनर कार कुमार रंजन अभिषेक के नाम पर है और इस पर पहले से ही एक पुलिस केस के कारण लॉक लगा हुआ है. फिलहाल, एसटीएफ और डीआइयू की टीम आसपास के लगे सीसीटीवी कैमरों की हार्ड डिस्क जब्त कर शूटरों के हुलिए का सुराग लगाने में जुटी है.
