मुजफ्फरपुर से चंदन सिंह की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: शहर के चर्चित गोविंद हत्याकांड में एसआइटी और पुलिस की जांच तेज हो गई है. घटनास्थल से मिले गोविंद के मोबाइल की कॉल डिटेल्स और व्हाट्सएप चैट के आधार पर पुलिस ने सोमवार को शहर के एक बड़े बिजनेसमैन, एक प्रॉपर्टी डीलर और एक नामी हिस्ट्रीशीटर को नगर थाने बुलाया. नगर एएसपी वन सुरेश कुमार, डीआइयू और पटना एसटीएफ की टीम ने इन तीनों से आठ घंटे से अधिक समय तक सघन पूछताछ की. पुलिस गोविंद के साथ हाल के दिनों में हुई उनकी बातचीत और जमीन डीलिंग के बारे में जानकारी जुटा रही है. पूछताछ की वीडियोग्राफी और बयान रिकॉर्ड किए जा रहे हैं.
दोनों हाथों से गोली चलाने वाले प्रोफेशनल शूटरों की तलाश
जांच में यह बात सामने आई है कि वारदात को अंजाम देने के लिए बेहद ट्रेंड और प्रोफेशनल शूटरों का इस्तेमाल किया गया था. गोली के डायरेक्शन से अनुमान है कि शूटर दोनों हाथों से पिस्टल चलाने में माहिर था. आशंका जताई जा रही है कि साजिशकर्ताओं ने दूसरे राज्य से शूटर बुलाए थे और हत्या में एडवांस्ड 9MM पिस्टल का इस्तेमाल हुआ. एसआइटी की चार अलग-अलग टीमें सीसीटीवी फुटेज खंगालकर शूटरों का सुराग ढूंढ रही हैं.
नौ गोलियों से छलनी किया था शरीर, गैंगवार की आशंका
देर रात हुए पोस्टमार्टम में खुलासा हुआ कि गोविंद को सिर से पांव तक कुल नौ गोलियां मारी गई थीं. पुलिस ने घटनास्थल से छह खोखे और पांच जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं. फिलहाल परिजन की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है. पुलिस इस सनसनीखेज हत्याकांड को जमीन के कारोबार, गैंगवार और आपसी वर्चस्व से जोड़कर देख रही है, जिसके चलते पटना मुख्यालय की टीमें भी मुजफ्फरपुर में कैंप कर रही हैं.
