मुजफ्फरपुर: रट्टामार पढ़ाई बंद, मिडिल स्कूलों में प्रैक्टिकल तरीके से विज्ञान-गणित सीखेंगे छात्र

Muzaffarpur News: जिले के 1,386 मध्य विद्यालयों में अब छठी से आठवीं के छात्रों को रट्टा मार प्रणाली के बजाय प्रैक्टिकल तरीके से पढ़ाया जाएगा. शिक्षकों को हर महीने पढ़ाने का वीडियो अपलोड करना होगा, जिसके बाद ही उनका वेतन जारी होगा. जानिए पूरी खबर…

मुजफ्फरपुर से विनय की रिपोर्ट

Muzaffarpur News: सरकारी स्कूलों की साख बदलने और बच्चों के दिमाग से पारंपरिक रट्टा मार प्रणाली को पूरी तरह खत्म करने के लिए शिक्षा विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है. जिले के मिडिल स्कूलों में अब विज्ञान और गणित जैसे कठिन विषयों को रटवाया नहीं जाएगा, बल्कि खेल-खेल में प्रैक्टिकल तरीके से सिखाया जाएगा. इसके लिए शिक्षा विभाग ने छठी से आठवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए एक नया एसओपी (SOP) तैयार किया है. जिले के सभी 1,386 मध्य विद्यालयों के करीब 1.5 लाख बच्चों को इस नई और रोचक विधि से पढ़ाया जाएगा.

स्थानीय कबाड़ और रोजमर्रा की चीजों से शिक्षक समझाएंगे सिद्धांत

नये नियम के मुताबिक, शिक्षकों को महंगे वैज्ञानिक उपकरणों का इंतजार करने की जरूरत नहीं है. उन्हें स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध होने वाली सामग्री जैसे खाली बोतलें, गत्ते, तार या रोजमर्रा की चीजों का इस्तेमाल करना होगा. इन्हीं कबाड़ और घरेलू सामानों की मदद से शिक्षक बच्चों को विज्ञान के सिद्धांतों जैसे वायुदाब, प्रकाश का परावर्तन और गणित के पेचीदा फॉर्मूलों को बेहद आसान तरीके से समझाएंगे.

हर महीने की 20 तारीख को वीडियो अपलोड करने पर ही मिलेगा वेतन

इस नई व्यवस्था के तहत शिक्षकों के लिए एक सख्त नियम भी बनाया गया है. शिक्षकों को प्रत्येक महीने की 20 तारीख को अपनी प्रैक्टिकल पढ़ाई का दो मिनट का एक वीडियो विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करना होगा. जिला स्तर पर गठित स्क्रूटनी कमेटी इन वीडियो की बारीकी से जांच करेगी. खास बात यह है कि वीडियो पोर्टल पर डालने के बाद ही शिक्षकों का वेतन जारी किया जाएगा.

बेहतरीन काम करने वाले शिक्षकों को मिलेगा ‘मंथली इन्नोवेशन अवॉर्ड

इस व्यवस्था में जहां लापरवाही पर कार्रवाई होगी, वहीं बेहतर काम करने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहित भी किया जाएगा. हर महीने स्क्रूटनी कमेटी की जांच के बाद सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले पांच शिक्षकों को ‘मंथली इन्नोवेशन अवॉर्ड’ से सम्मानित किया जाएगा. एसएसए सुजीत कुमार दास ने बताया कि बच्चों को व्यावहारिक तरीके से पढ़ाने के लिए शिक्षकों को पहले ही प्रशिक्षित किया जा चुका है. इस पहल से बच्चों में पढ़ाई का डर खत्म होगा और वे इन्नोवेशन की ओर बढ़ेंगे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

सुनील कुमार सिंह प्रभात खबर मल्टीमीडिया में डिप्टी चीफ रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। क्राइम और राजनीति से जुड़ी खबरों पर उनकी मजबूत पकड़ है। वे निष्पक्ष रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं, जिससे पाठकों को सटीक और भरोसेमंद जानकारी मिलती है।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >