मुजफ्फरपुर से विनय की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: स्कूली शिक्षा के दौरान छात्राओं और महिला शिक्षिकाओं के लिए सुरक्षित व भयमुक्त माहौल बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है. अब जिले के सभी सरकारी स्कूलों में आंतरिक शिकायत समिति का गठन किया जाएगा. राज्य महिला आयोग की पहल पर शुरू की जा रही इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य स्कूल परिसर में छात्राओं व शिक्षिकाओं के साथ होने वाले किसी भी प्रकार के उत्पीड़न, दुर्व्यवहार या लैंगिक भेदभाव की शिकायतों का त्वरित और प्रभावी निपटारा करना है. इसके तहत सभी स्कूलों के नोटिस बोर्ड पर हेल्पलाइन नंबर और समिति सदस्यों के नाम लिखना अनिवार्य होगा.
पहचान रहेगी पूरी तरह गुप्त, 90 दिनों में पूरी होगी जांच
महिला आयोग की गाइडलाइन के अनुसार, शिकायत करने वाली छात्रा या शिक्षिका की पहचान को पूरी तरह से गुप्त रखा जाएगा. शिकायत दर्ज होने से लेकर जांच पूरी होने तक पीड़िता का नाम किसी भी स्तर पर सार्वजनिक नहीं किया जाएगा. समिति को किसी भी शिकायत की जांच शुरू होने के बाद अधिकतम 90 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को सौंपनी होगी. जांच में दोषी पाए जाने वाले कर्मियों या छात्रों के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
बाहरी कानूनी विशेषज्ञ भी होंगी समिति की सदस्य
समिति के गठन को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए इसके ढांचे में विशेष प्रावधान किए गए हैं. स्कूल की ही एक वरिष्ठ महिला शिक्षिका इस समिति की अध्यक्ष बनाई जाएंगी. इसके अलावा, समिति में किसी महिला गैर-सरकारी संगठन (NGO) की प्रतिनिधि या महिला अधिकारों के लिए काम करने वाली किसी बाहरी कानूनी विशेषज्ञ को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा, ताकि स्कूल प्रशासन किसी भी मामले को दबा न सके. साथ ही, दीवारों पर राज्य व राष्ट्रीय महिला आयोग के टोल-फ्री नंबर और स्थानीय पुलिस के विशेष विंग के नंबर पेंट कराए जाएंगे.
