मुजफ्फरपुर से प्रभात कुमार की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: उत्तर बिहार में मानसून के आगमन और संभावित बाढ़ के खतरों को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है. आपदा प्रबंधन विभाग ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए आपदा संपूर्ति पोर्टल पर अब तक जिले के 5.54 लाख परिवारों का डेटा दर्ज कर लिया है. इसके साथ ही राहत और बचाव कार्यों की पूरी रूपरेखा (ब्लूप्रिंट) तैयार कर ली गई है, ताकि आपात स्थिति उत्पन्न होने पर प्रभावित लोगों तक बिना किसी देरी के तुरंत सरकारी मदद पहुंचाई जा सके.
418 राहत शिविर और 448 सामुदायिक रसोई केंद्र चिन्हित
बाढ़ की स्थिति में विस्थापित होने वाले लोगों के रहने और खाने के लिए जिला स्तर पर व्यापक तैयारियां की गई हैं. प्रशासन द्वारा जिले के विभिन्न प्रखंडों में 418 राहत शिविर और 448 सामुदायिक रसोई केंद्र चिन्हित किए गए हैं. इन सभी केंद्रों पर शुद्ध पेयजल, पर्याप्त रोशनी, शौचालय और आपातकालीन चिकित्सा किट की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, ताकि शरण लेने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो.
263 नावें टैग, 26 हजार से अधिक पॉलिथीन शीट तैयार
जलभराव और बाढ़ प्रभावित इलाकों में आवागमन सुचारू रखने के लिए 15 सरकारी नावों सहित 263 निजी नावों को चिन्हित कर टैग किया गया है. इसके साथ ही आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए जिला आपदा शाखा में 26,000 से अधिक पॉलिथीन शीट और भारी मात्रा में जरूरी खाद्य सामग्री का स्टॉक सुरक्षित कर लिया गया है. आवश्यकता पड़ते ही प्रभावित परिवारों के बीच तत्काल राहत सामग्री का वितरण शुरू कर दिया जाएगा.
एनडीआरएफ-एसडीआरएफ अलर्ट, तटबंधों की चौबीस घंटे निगरानी
राहत एवं बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. बचाव दल के पास मोटर बोट, लाइफ जैकेट और संचार के लिए सैटेलाइट फोन जैसे हाईटेक उपकरण मौजूद हैं, जिससे मोबाइल नेटवर्क फेल होने पर भी संपर्क बाधित नहीं होगा. दूसरी ओर, जल संसाधन विभाग द्वारा जिले के सभी प्रमुख तटबंधों और संवेदनशील स्थलों की चौबीस घंटे निगरानी की जा रही है. किसी भी रिसाव या दरार को रोकने के लिए तटबंधों पर फ्लड फाइटिंग मटेरियल पर्याप्त मात्रा में जमा कर लिया गया है.
