मुजफ्फरपुर: डेंगू से निपटने के दावों की खुली पोल, 60 लाख की आबादी पर महज पांच फॉगिंग मशीनें, दो कबाड़

Muzaffarpur News: जिले में 60 लाख की आबादी के लिए मलेरिया विभाग के पास महज पांच फॉगिंग मशीनें हैं, जिनमें दो खराब हैं.सदर अस्पताल के डेंगू वार्ड की साफ-सफाई भी भगवान भरोसे है, जिससे दावों की पोल खुल गई है.जानिए पूरी खबर…

मुजफ्फरपुर से कुमार दीपू की रिपोर्ट

Muzaffarpur News: डेंगू की संभावित चुनौती को लेकर स्वास्थ्य विभाग भले ही व्यापक और पुख्ता तैयारियों के बड़े-बड़े दावे कर रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है. जिले की करीब 60 लाख की भारी आबादी को डेंगू के डंक से बचाने के लिए जिला मलेरिया विभाग के पास महज पांच फॉगिंग मशीनें ही उपलब्ध हैं.चिंता की बात यह है कि इन पांच में से भी दो मशीनें लंबे समय से खराब होकर गोदाम में धूल फांक रही हैं.नई मशीनों की खरीद के लिए मुख्यालय भेजा गया प्रस्ताव अब तक फाइलों में ही दबा पड़ा है.

भगवान भरोसे चल रहा फॉगिंग अभियान 

जिला मलेरिया विभाग इस वक्त संसाधनों की गंभीर कमी से जूझ रहा है.विभाग के पास न तो फॉगिंग के लिए अपना कोई वाहन है, न पर्याप्त सफाई कर्मी हैं और न ही आवश्यक वित्तीय आवंटन.ऐसे में शहर से लेकर गांव तक डेंगू नियंत्रण का अभियान पूरी तरह भगवान भरोसे ही नजर आ रहा है.मुख्यालय ने फाइलेरिया विभाग के कर्मचारियों से फॉगिंग कराने का कामचलाऊ निर्देश जरूर दिया है, लेकिन सवाल यह है कि यदि औराई, कटरा, सरैया या साहेबगंज जैसे सुदूर प्रखंडों में एक साथ मरीज मिलते हैं, तो इन गिने-चुने कर्मियों के सहारे समय पर फॉगिंग कैसे संभव हो पाएगी.

सदर अस्पताल के डेंगू वार्ड की बदहाली

 एक तरफ फॉगिंग की व्यवस्था बेपटरी है, तो दूसरी तरफ सदर अस्पताल के डेंगू वार्ड की स्थिति भी बेहद चिंताजनक है.अस्पताल प्रबंधन ने जिस हीट स्ट्रोक वार्ड को डेंगू वार्ड के रूप में विकसित करने का दावा किया है, उसकी पिछले एक महीने से समुचित साफ-सफाई तक नहीं हुई है.सरकारी गाइडलाइन के अनुसार डेंगू वार्ड में विशेष सफाई, नियमित कीट नियंत्रण और हर बेड पर मच्छरदानी अनिवार्य है, लेकिन धरातल पर मानक गायब हैं.संसाधनों की यह घोर कमी स्वास्थ्य विभाग की कथनी और करनी को साफ उजागर कर रही है.

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लेखक के बारे में

सुनील कुमार सिंह प्रभात खबर मल्टीमीडिया में डिप्टी चीफ रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। क्राइम और राजनीति से जुड़ी खबरों पर उनकी मजबूत पकड़ है। वे निष्पक्ष रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं, जिससे पाठकों को सटीक और भरोसेमंद जानकारी मिलती है।

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