मुजफ्फरपुर: एसकेएमसीएच में मोतियाबिंद मरीजों की भीड़, सदर अस्पताल की आई ओटी खाली

Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर में एसकेएमसीएच में मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए मरीजों की भीड़ है, जबकि सदर अस्पताल की आधुनिक आई ओटी में मरीज कम पहुंच रहे हैं. सीमित संसाधन और एकमात्र सर्जन के कारण ऑपरेशन की रफ्तार प्रभावित हो रही है. पढे़ं पूरी खबर…

मुजफ्फरपुर से कुमार दीपू की रिपोर्ट

Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर में मोतियाबिंद के ऑपरेशन को लेकर एक दिलचस्प तस्वीर सामने आई है. जहां एक ओर श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) में मरीजों की लंबी कतार लगी हुई है, वहीं दूसरी ओर सदर अस्पताल में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस आई ओटी (आई ऑपरेशन थिएटर) मरीजों का इंतजार कर रही है. संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद यहां ऑपरेशन की संख्या काफी कम है.

एसकेएमसीएच में बढ़ी मरीजों की भीड़

जानकारी के अनुसार, एसकेएमसीएच में नवंबर महीने के दौरान अब तक 85 मोतियाबिंद ऑपरेशन किए जा चुके हैं. इसके विपरीत सदर अस्पताल में इसी अवधि में केवल दो मरीजों का ऑपरेशन हुआ है. आंकड़ों के मुताबिक, आई ओटी शुरू होने के बाद से अब तक यहां कुल 86 ऑपरेशन ही किए गए हैं.

लेंस की कमी और सीमित संसाधन बने चुनौती

अस्पताल सूत्रों का कहना है कि कई बार लेंस की उपलब्धता प्रभावित होने से ऑपरेशन की प्रक्रिया बाधित हुई है. हालांकि सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार ने बताया कि वर्तमान में अस्पताल में लेंस और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध है तथा आने वाले मरीजों का नियमित रूप से ऑपरेशन किया जा रहा है.

एक सर्जन के भरोसे चल रही व्यवस्था

सदर अस्पताल में आंखों के दो चिकित्सक तैनात हैं, लेकिन ऑपरेशन करने वाले सर्जन केवल एक हैं. ऐसे में ऑपरेशन की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी है. अस्पताल प्रशासन अब सप्ताह में एक दिन विशेष रूप से मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए निर्धारित करने पर विचार कर रहा है.

ऑपरेशन के बाद चश्मे की जरूरत बढ़ी

मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद हुई जांच में पाया गया कि करीब 80 प्रतिशत बुजुर्गों को नजदीक की चीजें देखने में परेशानी हो रही है. इसी को देखते हुए अंधापन निवारण कार्यक्रम के तहत बायफोकल चश्मों का ऑर्डर दिया गया है, ताकि ऑपरेशन के बाद मरीजों को बेहतर दृष्टि सुविधा मिल सके.

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लेखक के बारे में

Published by: Aniket Kumar

अनिकेत बीते 4 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थान के साथ काम करने का अनुभव. एंटरटेनमेंट, हाईपरलोकल और राजनीति की खबरों से अधिक जुड़ाव. वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ कार्यरत.

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