मुजफ्फरपुर से देवेश कुमार की रिपार्ट
Muzaffarpur News: बिहार विश्वविद्यालय (बीआरएबीयू) के शिक्षकों और गैर-शैक्षणिक कर्मियों को पिछले तीन महीनों से वेतन और पेंशन का भुगतान नहीं होने का मामला अब गरमाने लगा है. इस गंभीर मुद्दे को लेकर पूर्व विधान पार्षद (एमएलसी) डॉ. नरेंद्र प्रसाद सिंह ने शुक्रवार को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र राय से मुलाकात की. उन्होंने कुलपति से मांग की कि वे इस मामले में अविलंब हस्तक्षेप करें और विश्वविद्यालय के आंतरिक वित्तीय स्रोतों का उपयोग कर कम से कम एक महीने का वेतन और पेंशन तत्काल जारी करें, ताकि आर्थिक तंगी का सामना कर रहे कर्मियों को कुछ राहत मिल सके.
छह महीने से बंद शिक्षकों के वेतन और मूल्यांकन बकाये का भी उठा मुद्दा
पूर्व एमएलसी ने कुलपति से बातचीत के दौरान हाईकोर्ट के निर्देशों के बावजूद स्थानांतरण पर रोक के बाद भी करीब डेढ़ दर्जन शिक्षकों का पिछले छह महीने से वेतन बंद रहने का गंभीर मामला उठाया. इसके अलावा, उन्होंने पिछले दो सालों से लंबित परीक्षा उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन (कॉपी जांच) के बकाये पैसे का भुगतान करने और वित्त रहित अनुदानित डिग्री कॉलेजों के लिए रुके हुए अनुदान को जल्द से जल्द जारी करने की मांग की. साथ ही राजकीय महाविद्यालयों में नवनियुक्त प्राचार्यों में से जो स्वास्थ्य कारणों से कार्य करने में असमर्थ हैं, उन्हें पदमुक्त कर नए सिरे से पद विज्ञापित करने की अपील भी की.
कुलपति ने दिया आश्वासन, जल्द निकल सकता है समाधान
कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र राय ने पूर्व एमएलसी द्वारा उठाई गई सभी मांगों और समस्याओं को बेहद ध्यानपूर्वक सुना. उन्होंने शिक्षक एवं कर्मियों के हित को सर्वोपरि बताते हुए इस मामले पर गंभीरता से विचार करने और जल्द से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने का पूरा भरोसा दिया है. इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान विश्वविद्यालय के नैक (NAAC) सलाहकार विनय शंकर राय और महाविद्यालय निरीक्षक प्रो. राजीव कुमार भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे.
