मुजफ्फरपुर से ललितांशु की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: बीआरए बिहार विश्वविद्यालय (बीआरएबीयू) के सीनेट हॉल में होने वाले सांस्कृतिक और प्रशासनिक आयोजनों का सीधा खामियाजा छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है. जब भी सीनेट सभागार में कोई कार्यक्रम या सेमिनार होता है, तो सबसे पहले सेंट्रल लाइब्रेरी के स्टडी सेंटर को बंद कर दिया जाता है. इस अव्यवस्था के कारण लगातार बाधित हो रही पढ़ाई से नाराज होकर बुधवार को बड़ी संख्या में छात्रों ने कुलसचिव (रजिस्ट्रार) से मुलाकात की और एक ज्ञापन सौंपकर स्टडी सेंटर को नियमित रूप से खोलने की मांग की.
पिछले तीन महीनों में आधा दर्जन से अधिक बार लगा ताला, टूटी पढ़ाई की निरंतरता
छात्रों ने कुलसचिव को बताया कि यह समस्या किसी एक दिन की नहीं है. पिछले तीन महीनों के भीतर ही कार्यक्रमों का हवाला देकर आधा दर्जन से अधिक बार स्टडी सेंटर को बंद किया जा चुका है. विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी करने वाले सैकड़ों छात्र-छात्राएं हर दिन घंटों अध्ययन के लिए यहां पहुंचते हैं. बार-बार लाइब्रेरी और स्टडी सेंटर बंद होने से उनकी पढ़ाई की निरंतरता टूट जाती है, जिसका सीधा असर उनके भविष्य और परीक्षाओं की तैयारी पर पड़ रहा है.
4 जून को भी बंद रखने का नोटिस, छात्रों ने कहा- परीक्षाओं के दौर में न हो खिलवाड़
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से हद तो तब हो गई जब 4 जून को भी अपरिहार्य कारणों का हवाला देकर एक नया नोटिस जारी कर दिया गया, जिसके तहत स्टडी सेंटर को बंद रखने का आदेश है. छात्रों ने कुलसचिव के समक्ष तीखा विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि सीनेट के कार्यक्रमों के लिए छात्रों की पढ़ाई बाधित करना बिल्कुल भी जायज नहीं है. प्रतियोगी परीक्षाओं के इस दौर में लाइब्रेरी को बिना किसी बाधा के रोज खोला जाना चाहिए ताकि छात्र अपनी तैयारी सुचारू रूप से कर सकें.
