मुजफ्फरपुर से ललितांशु की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: बिहार के स्नातक छात्रों को पढ़ाई के साथ ही रोजगार व व्यावहारिक ट्रेनिंग से जोड़ने के लिए राज्य में एक बड़ी पहल होने जा रही है. बीआरए बिहार विश्वविद्यालय (मुजफ्फरपुर), पाटलिपुत्र यूनिवर्सिटी (पटना) और तिलकामांझी भागलपुर यूनिवर्सिटी के चिह्नित कॉलेजों में इसी सत्र (2026-30) से अप्रेंटिसशिप एंबेडेड डिग्री प्रोग्राम (एइडीपी) का संचालन किया जायेगा. राजभवन से इस कोर्स के ऑर्डिनेंस व रेगुलेशन को हरी झंडी मिलने के बाद विवि स्तर पर अधिसूचना जारी करने की तैयारी तेज हो गयी है.
सेंट्रलाइज्ड सिस्टम से होगा नामांकन, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत तैयार हुआ कोर्स
इस विशेष कार्यक्रम के तहत छात्रों के नामांकन की प्रक्रिया पूरी तरह सेंट्रलाइज्ड सिस्टम से पूरी की जायेगी. राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनइपी) 2020 के अनुरूप तैयार यह सेमेस्टर आधारित कोर्स उद्योग और अकादमिक सहयोग को मजबूत करेगा. इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ सीधे कंपनियों में काम करने का व्यावहारिक अनुभव (ट्रेनिंग) दिलाना है, जिससे डिग्री पूरा करते ही उन्हें आसानी से नौकरी मिल सके.
बीआरएबीयू के इन तीन बड़े कॉलेजों को मिली कोर्स संचालन की अनुमति
यूजीसी के निर्देशों पर आधारित इस विशेष कार्यक्रम के तहत बीआरएबीयू के तीन प्रमुख अंगीभूत कॉलेजों को अनुमति मिली है. इनमें एलएनडी कॉलेज (मोतिहारी) को तीन कोर्स (रिटेल ऑपरेशंस, बैंकिंग व कंटेंट राइटिंग), आरएन कॉलेज (हाजीपुर) को दो कोर्स (बैंकिंग व ई-कॉमर्स) और आरएसएस साइंस कॉलेज (सीतामढ़ी) को दो कोर्स (रिटेल व बैंकिंग ऑपरेशंस) की स्वीकृति दी गयी है.
कौशल विकास से कम होगी शिक्षा और रोजगार के बीच की दूरी
यह नया कार्यक्रम छात्रों के कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) को बढ़ावा देगा, जिससे शिक्षा और रोजगार के बीच की दूरी को आसानी से कम किया जा सकेगा. कोर्स के दौरान छात्रों को विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों में इंटर्नशिप और अप्रेंटिसशिप करने का मौका मिलेगा, जिसके लिए उन्हें नियमानुसार स्टाइपेंड भी मिल सकेगा. यह कोर्स बिहार के उच्च शिक्षा क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा.
