मुजफ्फरपुर से कुमार दीपू की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: जिले में आयुर्वेदिक चिकित्सा पर लोगों का भरोसा तेजी से बढ़ रहा है. पिछले छह महीनों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) से लेकर सदर अस्पताल परिसर स्थित मॉडल अस्पताल की आयुर्वेदिक डिस्पेंसरियों की ओपीडी में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. अब हर महीने औसतन 11 से 12 हजार मरीज आयुर्वेदिक इलाज के लिए पहुंच रहे हैं.
बढ़ रहे हैं मरीज, पर नहीं मिल रही दवाएं
ओपीडी में मरीजों की संख्या तो बढ़ रही है, लेकिन उन्हें अस्पताल से दवाएं नहीं मिल पा रही हैं. दवाओं का स्टॉक खत्म होने के कारण मरीजों को मजबूरन निजी मेडिकल स्टोर का रुख करना पड़ रहा है. इलाज कराने आए मनीष साह ने बताया कि कोरोना काल के बाद से लोगों का रुझान आयुर्वेद की तरफ बहुत ज्यादा बढ़ा है, इसके बावजूद सरकारी अस्पतालों में दवाओं की किल्लत बनी हुई है.
इन गंभीर बीमारियों के पहुंच रहे मरीज
अस्पतालों में इन दिनों पेट दर्द, अर्थराइटिस, एनीमिया, उल्टी-दस्त, जोड़ों के दर्द, गुर्दे की पथरी और त्वचा संबंधी रोगों के मरीज सबसे ज्यादा पहुंच रहे हैं. डॉक्टरों के मुताबिक, रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक दवाएं सबसे बेहतर हैं. लिवर की बीमारी से पीड़ित मरीज मो. शमशाद ने बताया कि तीन महीने से भृंगराज चूर्ण और गोक्षुरा जैसी आयुर्वेदिक दवाओं के सेवन से उन्हें काफी आराम मिला है.
27 जरूरी दवाओं की भेजी गई सूची
आयुर्वेदिक विभाग ने दवाओं की कमी को दूर करने के लिए अश्वगंधा चूर्ण, शंखवटी, महायोगराज और भृंगराज समेत 27 अति आवश्यक दवाओं की मांग मुख्यालय से की है. अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही दवाओं की आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी, जिससे मरीजों को राहत मिलेगी.
