मुजफ्फरपुर से सुमित कुमार की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: पूर्व मेयर समीर कुमार और चर्चित प्रॉपर्टी डीलर आशुतोष शाही हत्याकांड के मुख्य शूटर गोविंद कुमार की हत्या सुपारी किलर से कराए जाने की आशंका जताई जा रही है. वारदात के बाद पुलिस ने शहर के एक दर्जन से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं, जिसमें कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं. बताया जा रहा है कि अपराधी गोविंद की हत्या करने के बाद उसकी सीजेड (CZ) पिस्टल भी लूटकर फरार हो गए. पुलिस को शक है कि इस वारदात में गोविंद के कुछ करीबी भी शामिल हैं.
अकेले होने का फायदा उठाकर अपराधियों ने मारी गोली
गोविंद अक्सर अपने गिरोह के एक दर्जन से अधिक सदस्यों से घिरा रहता था, लेकिन वारदात की रात पौने दस बजे वह जब अपने फ्लैट पर पहुंचा तो बिल्कुल अकेला था. सुपारी किलर्स को उसकी हर गतिविधि की सटीक जानकारी थी. अपराधियों को पता था कि गोविंद सेकेंड फ्लोर पर स्थित फ्लैट नंबर 204 में अकेले ही जाने वाला है, जिसका फायदा उठाकर उन्होंने फ्लैट में दाखिल होने से पहले ही उस पर हमला कर दिया. घटना के बाद मुजफ्फरपुर और आसपास के इलाकों में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है.
मंटू शर्मा गिरोह का शार्प शूटर था गोविंद
गोविंद कुमार कुख्यात मंटू शर्मा गिरोह का सबसे खास और शार्प शूटर माना जाता था. कल्याणी मछली मंडी विवाद से भी उसका नाम जुड़ा था. आशुतोष शाही की पत्नी दीपांदिता ने प्राथमिकी में गोविंद को मुख्य आरोपी बनाया था, जिसने 21 जुलाई 2023 की रात वकील डॉलर के घर में घुसकर अंधाधुंध फायरिंग की थी और आशुतोष शाही समेत चार लोगों को मौत के घाट उतार दिया था.
पूर्व मेयर हत्याकांड के बाद भाग गया था नेपाल
सात साल पहले पूर्व मेयर समीर कुमार की हत्या के बाद गोविंद अपने सहयोगी सुजीत के साथ नेपाल फरार हो गया था. वहां वह तीन महीने तक वेष बदलकर रहा. बाद में पटना एयरपोर्ट से पकड़े जाने पर उसने कुबूल किया था कि हत्या के बाद एके-47 राइफल मंटू शर्मा के भाई नवीन शर्मा को सौंपी गई थी.
रामेश्वरम से हुई थी गिरफ्तारी, पटना के शूटर को दी थी सुपारी
आशुतोष शाही हत्याकांड के बाद बिहार एसटीएफ ने 3 अगस्त 2023 को मंटू शर्मा और गोविंद को तमिलनाडु के रामेश्वरम के एक होटल से दबोचा था. गोविंद के खिलाफ हत्या और रंगदारी के कई मामले दर्ज थे. उसने आशुतोष शाही की हत्या सुनिश्चित करने के लिए पटना के जानीपुर निवासी शूटर उज्जवल कुमार समेत अन्य जिलों के कॉन्ट्रैक्ट शूटरों को मुजफ्फरपुर बुलाया था.
