मुजफ्फरपुर से कुमार दीपू की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: जिले सहित पूरे सूबे में डेंगू के खतरे से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा फैसला लिया है. केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय के निर्देश पर इस बार डेंगू की रोकथाम की कमान आशा कार्यकर्ताओं के हाथों में होगी. आशा कार्यकर्ता ‘डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर्स’ के रूप में घर-घर जाकर मच्छरों के प्रजनन स्थलों को ढूंढेंगी और उन्हें नष्ट करेंगी. इस काम के लिए उन्हें विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा.
जून से शुरू होगा महाअभियान, तैयारियों के सख्त निर्देश
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जून महीने से ही बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा. मंत्रालय ने सख्त निर्देश दिया है कि डेंगू का सीजन शुरू होने से पहले ही दवाओं का स्टॉक, जांच किट और प्लेटलेट्स की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाए. इसके साथ ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए रैपिड रिस्पांस टीम (RRT) का गठन करने का भी निर्देश दिया गया है.
छिपा नहीं सकेंगे आंकड़े, पोर्टल पर देनी होगी डेली रिपोर्ट
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने साफ किया है कि डेंगू की वास्तविक स्थिति को किसी भी स्तर पर छिपाया नहीं जा सकता. नए नियमों के अनुसार, डेंगू का एक भी केस सामने आने पर उसे तुरंत स्वास्थ्य मंत्रालय के ‘आइआइएचपी’ (IHIP) पोर्टल पर अपडेट करना अनिवार्य होगा. रियल-टाइम डेटा अपडेट होने से बीमारी को फैलने से रोकने में मदद मिलेगी.
