Muzaffarpur Crime News: मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा थाना क्षेत्र में शनिवार को उस वक्त एक अजीबोगरीब और बेहद संवेदनशील स्थिति उत्पन्न हो गई, जब एक परेशान मां अपनी 10 वीं कक्षा में पढ़ने वाली नाबालिग बेटी को लेकर थाने पहुंची. छात्रा अपने प्रेमी से शादी करने की जिद पर अड़ी हुई थी. हद तो तब हो गई जब परिजनों द्वारा शादी से इनकार करने पर छात्रा ने जहर खाकर अपनी जान देने की कोशिश की. हालांकि, परिजनों ने तत्परता दिखाते हुए उसे तुरंत एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने इलाज के बाद उसकी जान बचा ली.
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प्रेमी पर केस दर्ज कराने थाने पहुंची थी परेशान मां
बेटी की इस आत्मघाती हरकत और शादी की बेतुकी जिद से परेशान होकर उसकी मां शनिवार को मिठनपुरा थाने पहुंची. मां का आरोप था कि आरोपी लड़का उसकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसला रहा है और उसका भविष्य बर्बाद कर रहा है. वह उस लड़के के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराना चाहती थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए थाने में तैनात पुलिस अधिकारी तुरंत एक्शन में आए.
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महिला दारोगा ने पढ़ाया कानून का पाठ, शांत हुआ छात्रा का गुस्सा
थाने में मौजूद एक महिला दारोगा ने मामले को बेहद संवेदनशीलता से संभाला. उन्होंने रोती-बिलखती छात्रा को अपने पास बिठाया और काफी देर तक उसे दुलारते हुए सही-गलत का फर्क समझाया. महिला दारोगा ने छात्रा को कानूनी पाठ पढ़ाते हुए कहा, “कानूनन 18 साल से कम उम्र में शादी करना एक गंभीर अपराध है. अभी तुम्हारी उम्र सिर्फ पढ़ाई करने और अपना भविष्य बनाने की है. जब तुम 18 साल की बालिग हो जाओगी, तब तुम्हारी शादी करवा दी जाएगी.महिला पुलिस अधिकारी की इस समझाइश और काउंसिलिंग का छात्रा पर सकारात्मक असर हुआ. आखिरकार उसका गुस्सा शांत हुआ और उसने शादी की जिद छोड़ दी. छात्रा ने पुलिस और अपनी मां से वादा किया कि वह आगे से कभी ऐसा आत्मघाती कदम नहीं उठाएगी और पूरा ध्यान पढ़ाई पर लगाएगी. इसके बाद मां अपनी बेटी को सुरक्षित अपने साथ घर ले गई.
