प्रेमी से शादी की जिद पर अड़ी नाबालिग छात्रा ने की जान देने की कोशिश, महिला दारोगा ने समझाया कानून

मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा में प्रेमी से शादी की जिद पर अड़ी 10वीं की छात्रा ने जहर खाकर जान देने की कोशिश की. थाने पहुंचने पर महिला दारोगा ने नाबालिग को कानून का पाठ पढ़ाकर शांत कराया.

Muzaffarpur Crime News: मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा थाना क्षेत्र में शनिवार को उस वक्त एक अजीबोगरीब और बेहद संवेदनशील स्थिति उत्पन्न हो गई, जब एक परेशान मां अपनी 10 वीं कक्षा में पढ़ने वाली नाबालिग बेटी को लेकर थाने पहुंची. छात्रा अपने प्रेमी से शादी करने की जिद पर अड़ी हुई थी. हद तो तब हो गई जब परिजनों द्वारा शादी से इनकार करने पर छात्रा ने जहर खाकर अपनी जान देने की कोशिश की. हालांकि, परिजनों ने तत्परता दिखाते हुए उसे तुरंत एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने इलाज के बाद उसकी जान बचा ली.

यह भी पढ़ें… बिहार में अब नहीं चलेंगे 15 साल पुराने सरकारी वाहन: रजिस्ट्रेशन स्वतः होगा रद्द, कबाड़ में तब्दील होंगी गाड़ियां

प्रेमी पर केस दर्ज कराने थाने पहुंची थी परेशान मां

बेटी की इस आत्मघाती हरकत और शादी की बेतुकी जिद से परेशान होकर उसकी मां शनिवार को मिठनपुरा थाने पहुंची. मां का आरोप था कि आरोपी लड़का उसकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसला रहा है और उसका भविष्य बर्बाद कर रहा है. वह उस लड़के के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराना चाहती थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए थाने में तैनात पुलिस अधिकारी तुरंत एक्शन में आए.

यह भी पढ़ें… सीतामढ़ी में महज पांच महीनों में 116 सड़क दुर्घटनाओं में 92 लोगों ने गंवाई जान

महिला दारोगा ने पढ़ाया कानून का पाठ, शांत हुआ छात्रा का गुस्सा

थाने में मौजूद एक महिला दारोगा ने मामले को बेहद संवेदनशीलता से संभाला. उन्होंने रोती-बिलखती छात्रा को अपने पास बिठाया और काफी देर तक उसे दुलारते हुए सही-गलत का फर्क समझाया. महिला दारोगा ने छात्रा को कानूनी पाठ पढ़ाते हुए कहा, “कानूनन 18 साल से कम उम्र में शादी करना एक गंभीर अपराध है. अभी तुम्हारी उम्र सिर्फ पढ़ाई करने और अपना भविष्य बनाने की है. जब तुम 18 साल की बालिग हो जाओगी, तब तुम्हारी शादी करवा दी जाएगी.महिला पुलिस अधिकारी की इस समझाइश और काउंसिलिंग का छात्रा पर सकारात्मक असर हुआ. आखिरकार उसका गुस्सा शांत हुआ और उसने शादी की जिद छोड़ दी. छात्रा ने पुलिस और अपनी मां से वादा किया कि वह आगे से कभी ऐसा आत्मघाती कदम नहीं उठाएगी और पूरा ध्यान पढ़ाई पर लगाएगी. इसके बाद मां अपनी बेटी को सुरक्षित अपने साथ घर ले गई.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Sumit kumar

सुमित पत्रकारिता में पिछले 4 वर्षों से सक्रिय। प्रभात खबर के प्रिंट मीडिया के साथ काम करने के बाद वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम से जुड़े हुए हैं। क्राइम, हाईपरलोकल, स्वास्थ्य विभाग व राजनीतिक रिपोर्टिंग में विशेष रुचि और अनुभव रखते हैं। क्षेत्रीय मुद्दों और जनसरोकार की खबरों को सशक्त तरीके से उठाने के लिए जाने जाते हैं।

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >