Muzaffarpur Monsoon Rain: मुजफ्फरपुर में मॉनसून की पहली तेज बारिश ने ही नगर निगम के जलजमाव से मुक्ति के दावों की पोल खोल दी है. शहर के वार्ड नंबर 48 में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं. शारदा नगर समेत कई मोहल्लों में घुटने तक पानी भर जाने से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है. जलजमाव के कारण जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है और स्थानीय लोगों में नगर निगम के प्रति नाराजगी बढ़ गई है.
स्कूल नहीं पहुंच सके बच्चे, मोहल्लों में नहीं घुसीं स्कूल वैन
बारिश का सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों पर पड़ा. वार्ड 48 के शारदा नगर और आसपास के इलाकों में सड़कें पूरी तरह पानी में डूब गईं. पानी अधिक होने के कारण स्कूल वैन और अन्य वाहन मोहल्ले के अंदर नहीं पहुंच सके. इसके चलते कई बच्चे स्कूल नहीं जा सके. अभिभावकों का कहना है कि यदि पहली ही बारिश में यह स्थिति है, तो पूरे मॉनसून में परेशानी और बढ़ सकती है.
घुटने तक पानी, घरों में कैद हुए लोग
लगातार बारिश के बाद कई गलियों और सड़कों पर घुटने तक पानी जमा हो गया. लोगों को जरूरी काम के लिए भी घरों से निकलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. कई जगह सड़क और नाले का अंतर भी दिखाई नहीं दे रहा, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है.
नगर निगम के दावों पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि मॉनसून से पहले नगर निगम ने नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने का दावा किया था, लेकिन पहली ही बारिश में सभी दावे फेल साबित हो गए. लोगों का कहना है कि नालों की नियमित सफाई नहीं होने और ड्रेनेज सिस्टम कमजोर होने के कारण हर साल यही स्थिति बनती है.
लोगों ने दी आंदोलन की चेतावनी
वार्ड 48 के निवासियों ने मांग की है कि नगर निगम तत्काल पंप लगाकर जलजमाव खत्म कराए और नालों की सफाई कराए. लोगों का कहना है कि यदि जल्द राहत नहीं मिली, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे.
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