Bihar Cyber Crime: साइबर शातिरों ने ऐसा जाल बिछाया कि पुलिस से लेकर आम लोग तक सन्न रह गए. पलक झपकते ही तीन बेकसूर लोगों के बैंक खातों पर डाका डालकर अपराधियों ने करीब 11 लाख रुपये की मोटी रकम पर हाथ साफ कर दिया. ठगी के ऐसे-ऐसे सनसनीखेज तरीके सामने आए हैं, जिन्होंने हर किसी के होश उड़ा दिए हैं.
सर्विस सेंटर का खेल या कोई अदृश्य वायरस
न्यू जीरोमाइल क्षेत्र के रामबाबू यादव का मोबाइल खराब हुआ तो वे सर्विस सेंटर पहुंचे. बिल जमा कर जैसे ही फोन रिपेयरिंग के लिए दिया, उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. बिना कोई OTP शेयर किए, उनके खाते से अलग-अलग अकाउंट्स में 2 लाख रुपये उड़ा दिए गए. आखिर बंद पड़े फोन से चंद मिनटों में कैसे हुई यह डिजिटल डकैती? पुलिस अब इस रहस्यमयी पैटर्न को डिकोड करने में दिन-रात एक कर रही है.
एटीएम पर नजरें, सेकेंडों में बदला ताश के पत्तों की तरह कार्ड
कुढ़नी के बड़ाकपुर निवासी मो. अनवरी अली एटीएम से कैश निकालने पहुंचे थे. वहां पहले से घात लगाए खड़े शातिर ने बड़ी चालाकी से उन्हें बातों के जाल में उलझाया. जब तक अनवरी कुछ समझ पाते, शातिर ने जादूगर की तरह उनका असली एटीएम कार्ड बदलकर दूसरा कार्ड थमा दिया. इसके बाद उस खाते से एक के बाद एक 8 लाख रुपये की अवैध निकासी कर पीड़ित को सड़क पर ला खड़ा किया.
जेब कटी और उधर खाता खाली
कटरा के शशिभूषण सिंह जब बाजार से लौट रहे थे, तो उनका मोबाइल फोन चोरी हो गया. लेकिन यह सिर्फ एक साधारण चोरी नहीं थी. फोन गायब होते ही साइबर अपराधियों का मास्टरमाइंड एक्टिव हुआ और पलक झपकते ही खाते से 94 हजार रुपये साफ कर दिए.
पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी, साइबर सेल में हड़कंप
एक के बाद एक सामने आई इन तीन सनसनीखेज वारदातों से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. साइबर थाने और संबंधित थानों की पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. बैंक ट्रांजेक्शन की कड़ियों को जोड़कर और सीसीटीवी फुटेज को खंगालकर पुलिस उस अदृश्य गिरोह तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है, जिसने पूरे शहर में डर का माहौल बना दिया है.
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