बूढ़ी गंडक नदी व फरदो नहर के कायाकल्प के लिए बनेगा मास्टर प्लान, शहर पहुंची केंद्रीय टीम

बूढ़ी गंडक नदी व फरदो नहर के कायाकल्प के लिए बनेगा मास्टर प्लान, शहर पहुंची केंद्रीय टीम

::: बूढ़ी गंडक के किनारों को कटाव से बचाने और हरियाली बढ़ाने पर जोर! फरदो नाले में कचरे की समस्या पर एनआईयूए ने दिया स्थायी समाधान का भरोसा

::: दस दिनों में केंद्रीय टीम सौंपेगी अपनी विस्तृत रिपोर्ट, बदलेगी शहर की जल व्यवस्था

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

शहर से सटे बूढ़ी गंडक नदी को प्रदूषण मुक्त और सुंदर बनाने की दिशा में केंद्र सरकार की तरफ से पहल शुरू हुई है. राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान (एनआईयूए) नई दिल्ली की विशेषज्ञ टीम दो दिनों से शहर में कैंप कर इसकी रूपरेखा तैयार करने में जुटी है. अर्बन रिवर मैनेजमेंट प्लान (यूआरएमपी) के तहत व्यापक पुनरुद्धार की योजना तैयार की जा रही है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना में नदी के घाटों का विकास, उनकी सफाई, किनारों पर वृक्षारोपण, नालों से सीधे नदी में गिरने वाले प्रदूषित पानी को रोकना और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना शामिल है. एनआइयूए की टीम, जिसका नेतृत्व इस्लीन कौर कर रही हैं. नगर निगम के अधिकारियों के साथ सिकंदरपुर झील, बूढ़ी गंडक नदी और फरदो नाले का गहन निरीक्षण किया. टीम ने सिकंदरपुर झील के सौंदर्यीकरण के प्रयासों को सराहा, जबकि बूढ़ी गंडक के किनारों पर कटाव रोकने के लिए बोल्डर पिचिंग और पौधारोपण की आवश्यकता पर जोर दिया. फरदो नाले में ठोस कचरे की समस्या को गंभीरता से लेते हुए टीम ने स्थायी समाधान का आश्वासन दिया. नगर आयुक्त विक्रम विरकर ने शहर में गिरते भूजल स्तर पर चिंता व्यक्त की.

बताया कि इसके समाधान के लिए नदी व नहर के जल का उचित उपयोग और वर्षा जल संचयन की योजनाओं पर विचार किया जा रहा है. एनआईयूए की टीम अब अगले दस दिनों में अपनी विस्तृत रिपोर्ट नगर निगम को सौंपेगी, जो बूढ़ी गंडक नदी व फरदो नहर को नया जीवन देने और शहर को जल संरक्षण के क्षेत्र में एक मॉडल बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगी.

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By PRASHANT KUMAR

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