मुजफ्फरपुर के बहुचर्चित पूर्व मेयर समीर कुमार और उनके चालक रोहित हत्याकांड मामले में मुजफ्फरपुर कोर्ट ने पहले सेशन ट्रायल का बहुप्रतीक्षित फैसला सुना दिया है. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में मामले के सभी 6 आरोपियों श्याम नंदन मिश्रा, सुशील कुमार छापड़िया, मृत्युंजय कुमार उर्फ पिंटू सिंह, नवीन कुमार, सुजीत कुमार और कुमार रंजय ओंकार को बरी कर दिया है.
अभियोजन पक्ष की कार्यप्रणाली पर अदालत ने उठाए गंभीर सवाल
फैसला सुनाते हुए अदालत ने अभियोजन पक्ष और पुलिस की कार्यप्रणाली पर बहुत गंभीर सवाल उठाए हैं. कोर्ट ने अपनी कड़ी टिप्पणी में माना कि पुलिस और अभियोजन पक्ष अदालत के सामने ऐसे कोई भी ठोस सबूत पेश करने में पूरी तरह विफल रहे, जो इन सभी आरोपियों पर लगे गंभीर आरोपों को साबित कर सकें. साक्ष्य के पुख्ता प्रमाण न मिलने के कारण अदालत ने आरोपियों को राहत दे दी है.
साल 2018 में हुई थी पूर्व मेयर और उनके चालक की हत्या
गौरतलब है कि 23 सितंबर 2018 की शाम को चंदवारा नवाब रोड के पास अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर पूर्व मेयर समीर कुमार और उनके चालक रोहित कुमार की निर्मम हत्या कर दी थी. इस सनसनीखेज वारदात से पूरे शहर में सनसनी फैल गई थी. इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड के मामले में कुल 12 लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिनमें से मुकदमे की सुनवाई के दौरान कुछ आरोपियों की पहले ही हत्या हो चुकी है. इस मामले में अभी कानूनी प्रक्रिया और अन्य पहलुओं पर जांच जारी है.
