वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर
बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में सोमवार को आयोजित छात्र संवाद में एक बार फिर रिजल्ट की खामियां और प्रशासनिक लापरवाही खुलकर सामने आयी. विश्वविद्यालय के पुराने गेस्ट हाउस में डीएसडब्ल्यू प्रो. आलोक प्रताप सिंह की अध्यक्षता में हुए इस संवाद में कई छात्रों ने अपनी आपबीती सुनायी, जिसमें सबसे हैरान करने वाला मामला एलएस कॉलेज की पीजी छात्रा प्रीति कुमारी का था. प्रीति कुमारी ने बताया कि पीजी सत्र 2021-23 के फर्स्ट सेमेस्टर के सीसी-3 (इतिहास) पेपर में उसे सिर्फ 17 अंक दिए गए हैं, जबकि उसने आरटीआई से जब अपनी कॉपी निकाली तो उस पर 41 अंक मिले थे. प्रीति ने कॉपी के साथ कई बार परीक्षा विभाग में आवेदन दिया, लेकिन आज तक उसके अंक सुधारे नहीं गए हैं. रक्सौल की रहने वाली प्रीति ने डीएसडब्ल्यू के सामने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि हर बार सिर्फ आश्वासन देकर लौटा दिया जाता है. रिजल्ट क्लियर न होने से उसकी आगे की पढ़ाई भी रुक गई है और वह विश्वविद्यालय का बार-बार चक्कर लगाकर मानसिक रूप से परेशान हो चुकी है. इसी तरह, राजकीय डिग्री कॉलेज, मधुबन, पकड़ी दयाल के स्नातक छात्र नीरज कुमार ने भी थर्ड ईयर की मार्कशीट में फर्स्ट और सेकंड ईयर के अंक न चढ़ने की शिकायत की. एलएस कॉलेज के भोजपुरी विभाग के छात्र टिंकू कुमार, संदीप कुमार और रूबी कुमारी ने भी अपने रिजल्ट और अंकपत्र जारी कराने के लिए आवेदन दिए. इस छात्र संवाद में गेस्ट हाउस इंचार्ज डॉ. अमर बहादुर शुक्ल भी मौजूद थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
