साहित्यकार फणीश्वरनाथ रेणु की पहचान विश्व स्तर पर थी: मंत्री

मुख्य अतिथि के रूप में आइटी मंत्री कृष्ण कुमार मंटू ने आंचलिकता के जादूगर फणीश्वरनाथ रेणु के तैल चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की.

By Prabhat Khabar News Desk | March 4, 2025 8:55 PM

मुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर जाने माने साहित्यकार फणीश्वरनाथ रेणु की 104वीं जयंती समारोह मंगलवार को दरभंगा रोड बखरी गोलम्बर स्थित विवाह भवन में आयोजित किया गया.इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में आइटी मंत्री कृष्ण कुमार मंटू ने आंचलिकता के जादूगर फणीश्वरनाथ रेणु के तैल चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की. इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि रेणु जी की पहचान विश्व स्तर पर थी और उनकी कृति में आंचलिकता का समावेश था. वह बिहार माटी के गौरव थे. उन्होंने अपनी रचना के माध्यम से अंचल की पहचान को अप्रतिम ऊंचाई दी.मुखिया वरुण सरकार ने कहा की कथा शिल्पी फणीश्वर नाथ रेणु की लेखनी अद्वितीय थी. उनकी कृतियों के पात्र आज भी जीवंत हैं. प्रो मृदुला राय ने कहा नेपाल की सीमा से सटे उत्तर-पूर्वी बिहार के ग्रामीण माहौल में पले-बढ़े फणीश्वर नाथ का वो प्रगाढ़ जुड़ाव ही था, जिसने दुनिया को मैला-आंचल जैसा प्रतिष्ठित उपन्यास दिया. इस उपन्यास के लिए उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया गया. मौके पर उपस्थित सभी वक्ताओं ने उन्हें नमन करते हुए अपनी-अपनी विचार रखी. मौके पर अमीत मंडल, सुमन मंडल, डॉ अमरजीत कुमार, सुरेश मंडल, रविन्द्र मंडल, गंगा मंडल, शिवजी मंडल, बलराम मंडल, सूरज मंडल सहित अलग-अलग जिलों के समाजसेवी मौजूद थे.

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