Muzaffarpur Jail Break: शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा की सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है. जेल के अस्पताल वार्ड में इलाज करा रहे दो शातिर बंदियों ने फिल्मी अंदाज में दीवार काटकर भागने की पूरी साजिश रची थी. समय रहते सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता और मुस्तैदी से दोनों बंदियों के इस दुस्साहसिक मंसूबे को पूरी तरह विफल कर दिया गया.
अस्पताल वार्ड से रची गई साजिश
उत्पाद अधिनियम (एक्साइज एक्ट) के तहत जेल में बंद दो कैदियों को तबीयत खराब होने के कारण केंद्रीय कारा के अस्पताल वार्ड में भर्ती कराया गया था. इलाज के दौरान ही दोनों ने जेल की कड़ी सुरक्षा को धता बताकर भागने की योजना तैयार की:
- पाइप तोड़ना: बंदियों ने पहले वार्ड के शौचालय में लगे प्लास्टिक के पानी के पाइप को चालाकी से तोड़ा.
- दीवार की ईंट निकालना: पाइप हटाने के बाद दोनों बंदी दीवार की ईंटें खिसकाकर बाहर निकलने के लिए गुप्त रास्ता बनाने लगे.
सुरक्षाकर्मियों ने रंगे हाथों दबोचा
जब दोनों आरोपी ईंटें और पाइप तोड़ने में जुटे थे, तभी शौचालय से अजीबोगरीब आवाजें आने लगीं. अस्पताल वार्ड में तैनात सुरक्षा गार्ड्स को तुरंत शक हुआ. जवानों ने फौरन मौके पर जाकर मुआयना किया तो दोनों कैदी दीवार तोड़ते हुए रंगे हाथों पकड़े गए. सुरक्षाबलों की त्वरित कार्रवाई से जेल ब्रेक की एक बड़ी घटना टल गई.
जेल प्रशासन की सख्त कार्रवाई
मामले की पुष्टि करते हुए जेल अधीक्षक युसुफ रिजवान ने बताया कि सुरक्षा में सेंध लगाने के प्रयास को अत्यंत गंभीरता से लिया गया है. दोनों आरोपियों के खिलाफ स्थानीय थाने में नई प्राथमिकी (FIR) दर्ज करा दी गई है. इस घटना की विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी (DM) सहित सभी वरीय प्रशासनिक अधिकारियों को भेज दी गई है. इसके साथ ही पूरे जेल परिसर और अस्पताल वार्ड की सुरक्षा व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा शुरू कर दी गई है.
ये भी पढ़ें: जल चढ़ाने जा रहे कांवरिया गोलू की गोली मारकर हत्या, डीजे की आवाज के बीच घटना को दिया अंजाम
