Sudha Dairy Water: कांटी स्थित सुधा डेयरी प्लांट से निकल रहे केमिकल युक्त दूषित जल की समस्या से स्थानीय लोगों को जल्द राहत मिलेगी. तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए दो उच्च-स्तरीय कमेटियों का गठन किया है. बैठक में कांटी विधायक अजीत कुमार, डीएम सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. आयुक्त ने स्पष्ट किया कि कई वर्षों से बह रहे इस दूषित पानी से कृषि भूमि और जनस्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
डीडीसी और एडीएम के नेतृत्व में कमेटियों का गठन
समस्या के तकनीकी और व्यावहारिक समाधान के लिए दो अलग-अलग स्तरों पर कमेटियां काम करेंगी.
- डीडीसी की अध्यक्षता में पहली कमेटी: यह समिति सुधा डेयरी के वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की कार्यक्षमता और पानी की गुणवत्ता की जांच करेगी. पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता पानी के सैंपल लेकर केमिकल की मात्रा की जांच करेंगे.
- एडीएम की अध्यक्षता में दूसरी कमेटी: यह टीम जल निकासी के लिए उपयुक्त भूमि की उपलब्धता का सर्वे कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेगी.
समितियों को दिए गए प्रमुख निर्देश
- स्टेकहोल्डर्स का समन्वय: समितियों में सुधा डेयरी, तिमुल, एनएचएआई, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पीएचईडी और रेलवे के अधिकारी शामिल रहेंगे.
- तालाब का निर्माण: सुधा डेयरी प्रबंधन को ट्रीटेड पानी के स्टोरेज के लिए नियमानुसार तालाब विकसित करने और पर्यावरण मानकों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया.
- स्थानीय जनप्रतिनिधियों से संपर्क: कमेटियों को स्थानीय विधायक से नियमित संपर्क साधकर उनके सुझावों को अमल में लाने को कहा गया है.
15 सितंबर से शुरू होगा निर्माण कार्य
आयुक्त ने दोनों समितियों को एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है. रिपोर्ट के अध्ययन के बाद पानी निकासी और संरचनाओं के निर्माण का कार्य आगामी 15 सितंबर यानी नवरात्र से पूर्व शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
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