मुजफ्फरपुर: बाढ़ पीड़ितों का गुस्सा विधायक पर फूटा, MLA कोमल सिंह की गाड़ी घेरकर नारेबाजी

मुजफ्फरपुर में बाढ़ पीड़ितों का आक्रोश तब भड़क उठा जब राहत सामग्री की मांग पर ग्रामीणों ने जदयू विधायक कोमल सिंह की गाड़ी घेर ली. छह दिन बाद पहुंचीं विधायक को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा.

मुजफ्फरपुर में बाढ़: गायघाट प्रखंड की कांटा पिरौंछा दक्षिणी पंचायत में बाढ़ पीड़ितों का आक्रोश उस समय सामने आ गया, जब बाढ़ प्रभावित लोगों का हाल जानने पहुंचीं जदयू विधायक कोमल सिंह को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा. राहत सामग्री, जीआर राशि और सामुदायिक किचन शुरू करने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने विधायक की गाड़ी को घेर लिया और जमकर नारेबाजी की.

छह दिन बाद पहुंचने पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

ग्रामीणों का आरोप था कि इलाके में बाढ़ आए छह दिन से अधिक बीत चुके हैं, लेकिन अब तक उनकी सुध लेने के लिए न तो विधायक पहुंचीं और न ही प्रशासन की ओर से पर्याप्त राहत मिली. ग्रामीणों ने कहा कि बाढ़ से सड़कें टूट चुकी हैं और कई परिवार मुश्किल हालात में रह रहे हैं.

महिलाओं ने विधायक के देर से पहुंचने पर खास नाराजगी जतायी. उनका कहना था कि चुनाव के दौरान वोट मांगने के लिए खुद को गायघाट की बेटी बताने वाली विधायक जीत के बाद एक बार भी पीड़ितों का हाल जानने नहीं पहुंचीं.

राहत सामग्री और जीआर राशि की मांग

बाढ़ पीड़ितों ने आरोप लगाया कि कई परिवारों को अब तक तिरपाल और सूखा राशन तक उपलब्ध नहीं कराया गया है. लोगों ने तत्काल राहत सामग्री बांटने, जीआर राशि देने और सामुदायिक किचन शुरू करने की मांग की.

ग्रामीणों का कहना था कि संकट के समय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को प्रभावित परिवारों के बीच रहकर उनकी समस्याएं सुननी चाहिए. अगर विधायक खुद नहीं पहुंच सकती थीं तो प्रतिनिधियों या प्रशासनिक टीम को भेजकर राहत कार्य तेज कराया जाना चाहिए था.

विधायक की गाड़ी के आगे खड़े हो गये ग्रामीण

ग्रामीणों ने विधायक से गांव के अंदर चलकर बाढ़ से हुई तबाही देखने की मांग की. बताया जाता है कि जब विधायक वहां से निकलने लगीं तो लोगों का गुस्सा और बढ़ गया. प्रदर्शन कर रहे ग्रामीण उनकी गाड़ी के आगे खड़े हो गये और विरोध जताने लगे.

स्थिति बिगड़ती देख साथ मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया. अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया. काफी मशक्कत के बाद विधायक को वहां से सुरक्षित निकाला गया.

बोले ग्रामीण- राहत मिलने तक जारी रहेगा विरोध

प्रदर्शन कर रहे लोगों ने स्पष्ट किया कि जब तक प्रभावित परिवारों के लिए सामुदायिक किचन शुरू नहीं होता, राहत सामग्री नहीं मिलती और जीआर राशि का वितरण नहीं किया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा.

मौके पर अंचल अधिकारी, प्रखंड प्रमुख श्रवण कुमार सिंह, पंचायत समिति सदस्य रीना देवी, संजागर सहनी समेत कई स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद थे. बाढ़ प्रभावितों के विरोध के बाद अब राहत व्यवस्था को लेकर प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं.

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लेखक के बारे में

By Premanshu shekhar

I have 16 years of journalism experience, working as a Bureau Chief at Prabhat Khabar muzaffarpur. My writing focuses on crime,political, social, and current topics.I have experience covering assembly and parliamentary elections reporting.
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