प्रमादी मिलर के आइओ वही रहेंगे, अलग कोषांग बना होगी जांच

अलग-अलग थानों में दर्ज प्रमादी मिलर से संबंधित केस की जांच के लिए जिले में स्पेशल कोषांग का गठन किया जायेगा.इस केस के आइओ भी अब बदले नहीं जायेंगे.

खास बातें-अपराध अनुसंधान विभाग के अपर पुलिस महानिदेशक ने दिये निर्देश-आइओ कांड में तेजी लायें, इसलिये थाने में नहीं लिया जायेगा दूसरा काम-मिलर केस की जांच की मॉनिटरिंग कर रहा है अपराध अनुसंधान विभाग

मुजफ्फरपुर.

अलग-अलग थानों में दर्ज प्रमादी मिलर से संबंधित केस की जांच के लिए जिले में स्पेशल कोषांग का गठन किया जायेगा.इस केस के आइओ भी अब बदले नहीं जायेंगे. अगर विशेष परिस्थिति में उनको बदलने की नौबत आयी तो संबंधित जिले के एसएसपी व एसपी को अपराध अनुसंधान विभाग से अनुमति लेनी होगी.

इस बाबत अपर पुलिस महानिदेशक पारस नाथ ने तिरहुत रेंज के डीआइजी को निर्देश दिया है.इसमें अनुसंधान को लेकर 11 बिंदुओं पर दिशा-निर्देश दिये गये हैं. मुजफ्फरपुर जिले में धान घोटाला को लेकर अलग-अलग थाने में एक दर्जन से अधिक केस दर्ज है. सभी केस के आइओ आरोपी राइस मिल संचालक के घर पर नोटिस चिपकाने की कवायद में जुटे हुए हैं. अपराध अनुसंधान विभाग के अपर पुलिस महानिदेशक ने अपने निर्देश में बताया है कि पांच मार्च को अपर मुख्य सचिव ने प्रमादी मिलर से संबंधित कांडों की समीक्षा की थी.

कम अवधि में ही बदल दिये आइओ

आदेश दिया गया है कि प्रमादी मिलर से जुड़े कांडों का अनुसंधान समयबद्ध सीमा में पूर्ण करने का आदेश दिया गया है. समीक्षा में पाया गया कि कई कांडों के अनुसंधानकर्ता को बहुत ही कम अवधि में जिलास्तर पर बदल दिया जाता है. समीक्षा के दौरान जो आइओ उपस्थित थे, उनको अनुसंधान की बारीकियों से अवगत करा दिया गया था. लेकिन, अब जो नये आइओ आये हैं वे इससे अनभिज्ञ हैं. इसके अलावा इन कांडों के आइओ से थानास्तर पर कई काम लिये जाते हैं. इस वजह से वे कांड के अनुसंधान पर पूरा ध्यान नहीं दे पाते हैं. इस वजह से केस की अनुसंधान की गति धीमी होती है.

कोषांग को हर हाल में करें लागू

2017 में ही अपराध अनुसंधान विभाग ने अनुरोध किया था कि प्रमादी मिलर से संबंधित कांड के अनुसंधानकर्ताओं को अन्य कार्य से अलग रखते हुए प्रमादी मिलर कोषांग का गठन किया जाये. उन्हें हर प्रकार की जरूरी सुविधाएं दी जायें. इसको हर हाल में लागू किया जाये. प्रमादी मिलर से जुड़े कांडों की समीक्षा को लेकर एक विशेष अभियान का आयोजन भी हो. इस दौरान डीआइजी अपने रेंज के सभी जिलों के एसएसपी व एसपी के साथ समीक्षा बैठक कर अनुसंधान के बाबत दिशा निर्देश दें.

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