Cyber Mafia Data Leak: पाकिस्तान, बांग्लादेश, समेत अन्य देशों में बैठे साइबर माफियाओं को भारत की गोपनीय जानकारी बेचने के मामले में गिरफ्तार किए गए शातिर ऋषभ कुमार पर साइबर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. इंटरनेशनल साइबर माफियाओं को गिरफ्तार आरोपी ऋषभ कुमार ने भारत के नागरिकों व सुरक्षा से जुड़ी कौन-कौन सी गोपनीय जानकारियां भेजी थीं, इसका सटीक पता लगाने के लिए साइबर पुलिस ने वैज्ञानिक जांच का सहारा लिया है. साइबर थाने की पुलिस ने आरोपी ऋषभ कुमार के पास से जब्त किए गए चारों मोबाइल फोन और आईपैड को विस्तृत डिजिटल जांच के लिए दिल्ली स्थित सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (सीएफएसएल) भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. कोर्ट के आदेश मिलने के बाद केस के आईओ इंस्पेक्टर अनोज कुमार ने शनिवार को इस दिशा में कागजी व कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है
CFSL Delhi Investigation: सीएफएसएल की फॉरेंसिक रिपोर्ट से खुलेगा डेटा लीक का पूरा नेटवर्क
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी ऋषभ कुमार के पास से महंगे व आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए थे. इन उपकरणों में से कई फोन और टेलीग्राम अकाउंट लॉक या विशेष सुरक्षा लेयर से लगाए गए हैं. अधिकारियों का मानना है कि सीएफएसएल की जांच रिपोर्ट आने के बाद साइबर थाने की पुलिस की जांच का दायरा काफी बढ़ जाएगा. फॉरेंसिक लैब की विशेषज्ञ टीम उपकरणों के डिलीट किए गए डेटा, टेलीग्राम बॉट, एपीआइ लॉग्स और अंतरराष्ट्रीय संदेशों के इतिहास को रिकवर करेगी. इससे यह साफ हो सकेगा कि आरोपी ने विदेशी नंबरों से जुड़े किन-किन हैंडलर्स को भारतीय वाहनों के पंजीकरण डेटा, मोबाइल नंबर डिटेल्स, पैन कार्ड व अन्य संवेदनशील डेटा बेचे थे.
Data Trafficking: टेलीग्राम बॉट और एपीआइ स्क्रैपिंग का खेल
जानकारी हो कि अहियापुर के गरहा थाना क्षेत्र के कफेन चौधरी निवासी ऋषभ कुमार को साइबर पुलिस ने बीते 21 अप्रैल को गोपनीय सूचना के आधार पर गिरफ्तार किया था. प्राथमिक जांच में खुलासा हुआ था कि ऋषभ अपने साथियों के साथ मिलकर एपीआइ और ओसिंट टूल्स के जरिए आम नागरिकों के निजी व गोपनीय डेटा को एकत्रित करता था. वह टेलीग्राम ग्रुप्स और बॉट्स के जरिए इस डेटा को बांग्लादेश, पाकिस्तान व अन्य देशों के साइबर अपराधियों को बेचता था. डेटा बिक्री से मिलने वाले पैसों को पुलिस से छिपाने के लिए आरोपी ने अपने साथी साहिल कुमार के माध्यम से किराए के फर्जी बैंक खातों का इस्तेमाल किया था.
Muzaffarpur Cyber Police: फरार साथियों की तलाश में साइबर पुलिस की छापेमारी
इंटरनेशनल डेटा लीक गिरोह में शामिल ऋषभ के अन्य सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. मामले में वैशाली के गौरव कुमार, यूपी गाजीपुर के दीपक चौधरी उर्फ आशू कुमार (जो टेलीग्राम पर विदेशी नंबरों से जुड़े ग्रुप्स चलाता था), दरभंगा के सुधांशु कुमार और तौसिफ असलम खान आरोपी बनाए गए थे. साइबर थाने के अधिकारियों का कहना है कि सीएफएसएल दिल्ली से मिलने वाली डिजिटल फॉरेंसिक रिपोर्ट इस मामले में निर्णायक साबित होगी. रिपोर्ट के आधार पर देश की सुरक्षा एजेंसियों को भी डेटा सुरक्षा से जुड़ी इस सेंधमारी की जानकारी साझा की जा सकती है.
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