Muzaffarpur RPF Humanity: "साहब, मैं देख नहीं सकता, मेरी पत्नी कहीं चली गई है, उसे बचा लीजिए..." रेल मदद एप पर आई एक बेबस दृष्टिबाधित (नेत्रहीन) पति की इस मार्मिक गुहार ने बुधवार को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों को झकझोर कर रख दिया. समस्तीपुर रेल मंडल से लेकर मुजफ्फरपुर पोस्ट तक की पुलिस ने खाकी की संवेदनशीलता और इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए बिना एक पल गंवाए मोर्चा संभाल लिया. लाचार पति के आंसुओं की कद्र करते हुए जवानों ने गाड़ी संख्या 13211 जोगबनी-दानापुर एक्सप्रेस में युद्धस्तर पर खोजबीन शुरू की.
हाथ में तस्वीर थामे बोगियों में पत्नी को खोजते रहे खाकी वर्दीधारी
कंट्रोल रूम से सूचना मिलते ही मुजफ्फरपुर आरपीएफ पोस्ट के जवान मुस्तैद हो गए. जैसे ही ट्रेन मुजफ्फरपुर जंक्शन के प्लेटफॉर्म पर आकर रुकी, जवानों ने पूरी ट्रेन को घेर लिया. आरपीएफ जवानों ने मोबाइल में मौजूद महिला की तस्वीर से मिलान करते हुए जनरल से लेकर आरक्षित बोगियों के हर एक यात्री का चेहरा बारीकी से देखा. इसके साथ ही प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालय और सर्कुलेटिंग एरिया के चप्पे-चप्पे को भी खंगाला गया.
मानवीय पहलू और तलाशी अभियान के मुख्य बिंदु
- लाचार पति की गुहार: नेत्रहीन पति ने रेल मदद एप पर रोते हुए पत्नी के लापता होने की जानकारी दी और फोटो साझा कर मदद मांगी.
- प्लेटफॉर्म पर मुस्तैदी: ट्रेन रुकते ही जवानों ने एक-एक डिब्बे में जाकर यात्रियों से तस्वीर का मिलान किया.
- आगे के स्टेशनों को अलर्ट: मुजफ्फरपुर में सुराग न मिलने पर दानापुर रूट के अन्य स्टेशनों को महिला की सुरक्षित बरामदगी के लिए अलर्ट भेजा गया.
दूसरे स्टेशन पर उतरने की आशंका, तलाश जारी
कड़ी मशक्कत के बावजूद मुजफ्फरपुर स्टेशन पर महिला का कोई सुराग नहीं मिल सका. आशंका है कि आरपीएफ टीम के पहुंचने से पहले ही महिला किसी पिछले स्टेशन पर उतर चुकी थी. आरपीएफ की टीम लगातार आगे के स्टेशनों से संपर्क बनाए हुए है ताकि पीड़ित पति को उसकी पत्नी से जल्द मिलाया जा सके.
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