मुजफ्फरपुर छात्र हत्याकांड: अहियापुर थाना क्षेत्र के सहबाजपुर निवासी पूर्व मुखिया अमृता आनंद के 18 वर्षीय पुत्र सुप्रज्ञ शौर्य उर्फ मुकुंद मुकुट की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिसिया जांच तेज हो गई है. मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर एएसपी वन सुरेश कुमार खुद पुलिस बल के साथ मंगलवार को अखाड़ाघाट पुल के पास स्थित घटनास्थल और अगस्त्या लाइब्रेरी पहुंचे. अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और लाइब्रेरी के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है.
पिता का गंभीर आरोप: अगवा कर की गई हत्या
मृतक के पिता मणिभूषण सिंह उर्फ टिल्लू सिंह ने अहियापुर थाने में लिखित शिकायत देकर प्रेम-प्रसंग में सोची-समझी साजिश के तहत अगवा कर हत्या करने का आरोप लगाया है. इस मामले में पुलिस ने पिता के बयान पर नामजद प्राथमिकी दर्ज की है:
- एक छात्रा और उसके साथी छात्र को नामजद किया गया है.
- छात्रा के परिवार के सदस्यों समेत कुल छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है.
- पिता का आरोप है कि साजिश रचकर उनके बेटे की जान ली गई है.
सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल्स खंगाल रही टेक्निकल सेल
मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस की टेक्निकल सेल पूरी सक्रियता से काम कर रही है. मृतक के मोबाइल फोन का कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) निकाला जा रहा है ताकि घटना से पहले हुई बातचीत की कड़ियों को जोड़ा जा सके.
- रूट मैपिंग: पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि छात्र की हत्या किस जगह की गई और शव को बूढ़ी गंडक नदी तक कैसे पहुंचाया गया.
- घटनास्थल की जांच: क्या शव को अखाड़ाघाट पुल के ऊपर से नीचे फेंका गया या फिर किनारे लाकर डाला गया, इसकी पुष्टि के लिए पूरे रास्ते के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं.
पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार
एफएसएल की टीम पहले ही घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटा चुकी है. पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ होगी कि यह हत्या है या आत्महत्या. पुलिस टेक्निकल इनपुट के आधार पर संदिग्धों से पूछताछ की तैयारी में है.
ये भी पढ़ें; पॉक्सो कोर्ट का बड़ा प्रहार: किशोरी को अगवा कर मुंबई ले जाने वाले दोषी नितेश को छह साल की सख्त कैद
