बारिश थमने से लोगों ने ली राहत की सांस, घटने लगी नदियों में पानी, जानें अब लोगों को है किसका भय

पटना : पिछले दो दिनों से बारिश थमी हुई है. उत्तर बिहार के बाढ़ग्रस्त इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली है. अगस्त माह के 15 दिनों में 13 दिन इन इलाकों में पानी होती रही है. बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में उतार चढाव बना रहता है. लोगों को उम्मीद है कि बारिश थमने के बाद नदियों के जलस्तर में कमी आयेगी और बाढ़ का प्रकोप खत्म होगा.

By Prabhat Khabar Digital Desk | August 16, 2020 9:58 AM

पटना : पिछले दो दिनों से बारिश थमी हुई है. उत्तर बिहार के बाढ़ग्रस्त इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली है. अगस्त माह के 15 दिनों में 13 दिन इन इलाकों में पानी होती रही है. बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में उतार चढाव बना रहता है.

लोगों को उम्मीद है कि बारिश थमने के बाद नदियों के जलस्तर में कमी आयेगी और बाढ़ का प्रकोप खत्म होगा. वैसे जलसंसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार बारिश थमने के कारण उत्तर बिहार की प्रमुख नदियों का बढ़ता जलस्तर थम गया है. मुजफ्फरपुर, मोतिहारी व दरभंगा में नदियों के जलस्तर में कमी से बाढ़ के पानी का ग्रामीण क्षेत्रों में फैलाव भी रूका है.

मुजफ्फरपुर की तीनों प्रमुख नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आ गया है. गंडक, बूढ़ी गंडक व बागमती के जलस्तर में गिरावट से लोगों ने राहत की सांस ली है. लोगों को उम्मीद है कि यदि अगले तीन चार दिन बारिश नहीं हुई, तो बाढ़ का पानी वापस होने लगेगा.

उधर, बूढ़ी गंडक के बहाव के कारण टूटे तिरहुत नहर से भी पानी का फैलाव कम हुआ है. एक तरफ दरधा तो दूसरी तरफ सकरा में भी पानी घटा है, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है. इधर, मोतिहारी में गंडक नदी का चटिया में जलस्तर थोड़ा बढ़ा है, लेकिन बूढ़ी गंडक के जलस्तर में लालबकेया में काफी गिरावट दर्ज की गयी है. वैसे शुक्रवार को गंडक बराज से कुल 2.14 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था.

दरभंगा में भी नदियों का जलस्तर लगातार घट रहा है. बागमती का जलस्तर पिछले दिनों की अपेक्षा नौ सेमी घटा है. अधवारा के जलस्तर में भी गिरावट दर्ज की गयी है. सोनवर्षा में कमला नदी के जलस्तर में भी काफी गिरावट आयी है. शहरी इलाके में जमा बाढ़ के पानी में भी आधा फीट कमी आयी है, लेकिन संकट बरकरार है. शहर के कई मोहल्लों में पानी अभी भी काफी मात्रा में लगा हुआ है, इससे लोगों को आने जाने में कठिनाई हो रही है. दूसरी ओर जब पानी निकलने लगा है तो संक्रामक रोगों का खतरा भी बढ़ा है, जिससे लोग सहमे हुए हैं.

posted by ashish jha

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