ईबोला वायरस को लेकर हाई अलर्ट, SKMCH और सदर अस्पताल में बने 8-8 बेड के विशेष आइसोलेशन वार्ड

ईबोला वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए मुजफ्फरपुर का स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर है। SKMCH और सदर अस्पताल में 8-8 बेड का विशेष आइसोलेशन वार्ड स्थापित किया गया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी निगरानी शुरू कर दी गई है।

Muzaffarpur Ebola virus high alert: मुजफ्फरपुर देश-दुनिया में बढ़ते स्वास्थ्य खतरों के बीच मुजफ्फरपुर का स्वास्थ्य विभाग ईबोला वायरस को लेकर पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है. संभावित खतरे से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है. इसके तहत श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SKMCH) और सदर अस्पताल में 8-8 बेड का विशेष आइसोलेशन वार्ड बनाकर सुरक्षित कर दिया गया है. इसके साथ ही इस पूरी व्यवस्था की मुस्तैद निगरानी के लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं. स्वास्थ्य विभाग ने दोनों अस्पताल प्रशासनों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश जारी किया है.

सिविल सर्जन ने तैयारियों को लेकर दिए कड़े निर्देश

सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार के अनुसार, सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत जिले में सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं. अस्पतालों में आवश्यक जीवन रक्षक दवाएं, पीपीई (PPE) किट और आइसोलेशन वार्ड की व्यवस्था को हर वक्त दुरुस्त रखने को कहा गया है. इसके अलावा, संदिग्ध मरीजों की पहचान के लिए विशेष निगरानी रखने और कोई भी संदिग्ध मामला सामने आने पर तुरंत उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए है

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में बनेंगे ऑब्जर्वेशन सेंटर

संभावित मरीजों की शुरुआती निगरानी और प्राथमिक देखभाल के लिए ग्रामीण इलाकों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs) में विशेष ऑब्जर्वेशन सेंटर बनाए गए हैं. इन सेंटरों में संदिग्धों को अलग रखकर उनकी शुरुआती जांच की जा सकेगी. इसके साथ ही, चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को संक्रमण से बचाव के लिए विशेष ट्रेनिंग और सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की तैयारी भी की जा रही है. सिविल सर्जन ने सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्यकर्मियों को सतर्क करते हुए कहा है कि यदि ईबोला प्रभावित देशों से यात्रा कर लौटे लोगों की सूचना मिलती है, तो तत्काल इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी जाए.

क्या है ईबोला और इसके मुख्य लक्षण

ईबोला एक बेहद खतरनाक और जानलेवा वायरस है. स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों और डॉक्टरों को इसके लक्षणों के प्रति सचेत रहने की अपील की है, जो निम्नलिखित हैं.

  • मरीज को अचानक तेज बुखार आना और अत्यधिक कमजोरी महसूस होना.
  • तेज सिरदर्द होना और गले में गंभीर दर्द की शिकायत होना.
  • लगातार उल्टी और दस्त (डायरिया) होना.
  • बीमारी की गंभीर स्थिति होने पर शरीर के अंदरूनी या बाहरी अंगों से रक्तस्राव (ब्लीडिंग) होना.


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लेखक के बारे में

स्वास्थ्य, राजनीति, समाज और समसामयिक विषयों पर दीपू रिपोर्टिंग करते हैं. इन्हें पत्रकारिता में 16 साल का अनुभव है.

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