गर्मी में सूख रहा आंखों का पानी, बच्चों में ज्यादा प्रकोप

पहले पांच से छह बच्चे ओपीडी में आ रहे थे, अब 20-25 आ रहे

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

भीषण गर्मी में आंखों का पानी सूखने की समस्या बच्चों में अधिक मिल रही है. आंखों में नमी नहीं रहने की शिकायत लेकर रोजाना बड़ी संख्या में मरीज सदर अस्पताल के ओपीडी में पहुंच रहे हैं. अत्यधिक गर्मी का असर यह है कि लोग बीमार पड़ रहे हैं. सदर अस्पताल में इन दिनों चार गुना मरीज आ रहे हैं. पहले जहां पांच से छह बच्चे इलाज के लिए आते थे, वहां फिलहाल 20-25 बच्चे रोजाना ओपीडी में आ रहे हैं.

आंख विशेषज्ञ डॉ एनडी साहू ने बताया कि गर्मी में झुलसाने वाली तेज धूप से आंखों की सेहत बिगड़ रही है. सूरज की चमकती किरणें और गर्म हवाओं के थपेड़े आंखों को नुकसान पहुंचा रहे हैं. दोपहर में लंबे समय तक बाहर रहने से आंखों की नमी सूख जा रही है. ऐसे में ड्राई आइ के मरीजों की समस्या कई गुना बढ़ गई है. वहीं, गर्मी में देर तक बाहर रहने वाले सामान्य बच्चों की आंखों में चुभन, कड़ापन व मांसपेशियों में अकड़न की समस्या हो रही है. नेत्र रोग विभाग की ओपीडी में रोजाना 20-25 बच्चे और अन्य मरीज लेकर 70 लोग ऐसी समस्या लेकर पहुंच रहे हैं.

अधिक गर्मी पड़ने से समस्या बढ़ गयी

गर्मी बढ़ने से पारा 40 से 41 डिग्री रह रहा है. गर्म हवाओं से आंखों में नमी बनाए रखने वाली आंसू की परत (टियर फिल्म) सूख रही है. आंसू की यह परत आंखों को सुरक्षा प्रदान करती है. टियर फिल्म में गड़बड़ी आने की वजह से ही ठीक से आंसू नहीं बनते हैं या बनते हैं तो जल्द सूख जाते हैं. इसकी वजह से आंखों में सूजन आ रही है, जिससे आंख की ऊपरी परत में जख्म बन रहे हैं.

ऐसी समस्या के 50 प्रतिशत मरीज बढ़े

नेत्र रोग डॉ एनडी साहू का कहना है कि भीषण गर्मी की वजह से आंखों में चिकनाई यानी आंसू की परत सूखने की शिकायत लेकर लोग आ रहे हैं. इस बार गर्मी लंबी खिंचने के आसार हैं. धूप में देर तक रहने से आंखों में लालीपन, जलन, खुजली व सूखापन की समस्या बढ़ गई है. ऐसे मरीज 50 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं.

ऐसे सुरक्षित रखें आंखें

– गर्मी में सन ग्लास का इस्तेमाल करें

– एसी की जगह में अधिक देर न रहें

– घर पर एसी की जगह कूलर इस्तेमाल करें

– बाहर जाएं तो थोड़ी-थोड़ी देर में पानी से आंख धोते रहें

– आंखों में नमी बनाए रखने के लिए जेल वाला आइड्राप डालें

– पानी भी खूब पिएं, जिससे डिहाइड्रेशन की समस्या नहीं हो

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >