शिक्षकों का लिस्ट नहीं मिलने से दिव्यांग व अनुभव प्रमाण पत्र की नहीं शुरू हुई जांच

शिक्षकों का लिस्ट नहीं मिलने से दिव्यांग व अनुभव प्रमाण पत्र की नहीं शुरू हुई जांच

विश्वविद्यालयाें में शिक्षकाें के फर्जी डाॅक्यूमेंट्स का मामला आने पर आयोग ने दिए थे जांच के निर्देश

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

शिक्षकाें के दिव्यांग व अनुभव प्रमाण पत्र की जांच शुरू नहीं हो सकी है, जबकि बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गयी थी. मामला सामने आया है कि अब तक शिक्षकाें की लिस्ट नहीं मिली है. इसके चलते तीन सप्ताह बाद भी जांच शुरू नहीं हाे सकी है. विश्वविद्यालयाें में असिस्टेंट प्राेफेसराें की नियुक्ति पहले बिहार लाेक सेवा आयाेग के जिम्मे थी. सरकार ने बीपीएससी से दबाव कम करने के साथ ही नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयाेग का गठन किया. साथ ही विश्वविद्यालयाें में विभिन्न विषयाें के असिस्टेंट प्राेफेसराें की नियुक्ति की जिम्मेदारी दे दी. आयाेग ने कई विषयाें में शिक्षकाें की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली है, जिसके आधार पर बीआरएबीयू सहित अन्य विश्वविद्यालयाें में शिक्षकाें ने याेगदान भी कर दिया है. इस बीच कुछ विश्वविद्यालयाें में शिक्षकाें के डाॅक्यूमेंट्स फर्जी मिले हैं, जिसके बाद सभी विश्वविद्यालयाें काे जांच के निर्देश दिये गये हैं. आरोप है कि तमाम शिक्षकाें ने संबद्ध काॅलेजाें के फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र आवेदन के साथ लगाये हैं, जिसका काेई रिकाॅर्ड संबंधित काॅलेज में नहीं है. वहीं, कमेटी के सदस्याें का कहना है कि आयाेग से अभी शिक्षकाें की लिस्ट नहीं मिली है. जांच कमेटी के सदस्य व विश्वविद्यालय के विकास पदाधिकारी डाॅ. रमेश विश्वकर्मा ने बताया कि आयाेग की ओर से कहा गया था कि जिन शिक्षकाें के डाॅक्यूमेंट्स की जांच करनी है, उनकी लिस्ट भेजी जायेगी. लिस्ट मिलते ही जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी जायेगी. बता दें कि बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयाेग ने विभिन्न विषयाें में चयनित शिक्षकाें के दिव्यांग और अनुभव प्रमाण पत्राें की जांच कराने का निर्देश दिसंबर में ही सभी विश्वविद्यालयाें काे दिया था.

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Published by: Prashant kumar

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