स्वास्थ्य व महिला-बाल कल्याण योजनाओं की समीक्षा, लापरवाही पर सख्त डीएम
स्वास्थ्य व महिला-बाल कल्याण योजनाओं की समीक्षा, लापरवाही पर सख्त डीएम
:: संस्थागत प्रसव, टीकाकरण और कुपोषण उन्मूलन पर जोर, कई अधिकारियों से मांगा स्पष्टीकरण वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं और महिला-बाल कल्याण से जुड़ी योजनाओं की प्रगति को लेकर जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने समीक्षा बैठक की. बैठक में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की स्वास्थ्य सुविधाओं, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, पोषण पुनर्वास केंद्र, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, कुपोषण उन्मूलन, दवा वितरण, सर्वजन दवा सेवन अभियान और एनक्वास प्रमाणन जैसे अहम बिंदुओं पर चर्चा हुई. डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि हर प्रखंड में प्रशिक्षित डॉक्टर और नर्स की उपलब्धता के साथ संस्थागत प्रसव हर हाल में सुनिश्चित किया जाए. दिसंबर माह में जिले में कुल 5,834 संस्थागत प्रसव कराए गए. लापरवाही पर कार्रवाई औराई प्रखंड की स्थिति पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक और बीसीएम का वेतन स्थगित कर दिया. मुशहरी, बोचहां, औराई और कटरा के प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया गया. सिविल सर्जन और डीपीएम को निर्देश दिया गया कि प्रत्येक प्रखंड में कम से कम तीन स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर संस्थागत प्रसव क्रियाशील रखें. सी-सेक्शन और जनरल सर्जरी में खराब प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों से भी जवाब मांगा गया. सिविल सर्जन ने प्रति प्रसव ममता कार्यकर्ता को 600 रुपये प्रोत्साहन देने की जानकारी दी. सरकार से मिले दो करोड़ रुपये में से 1.80 करोड़ अस्पतालों को दिए गए. टीकाकरण और पोषण पर फोकस दिसंबर में 95 प्रतिशत उपलब्धि के साथ 11,811 बच्चों का टीकाकरण हुआ, जबकि अप्रैल से दिसंबर तक 1,05,712 बच्चों को टीके लगे. डीएम ने सभी प्रखंडों को 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का निर्देश दिया, खासकर स्लम, माइग्रेंट मजदूरों और गरीब परिवारों पर फोकस करने को कहा. पोषण पुनर्वास केंद्र की समीक्षा में दिसंबर में सिर्फ 22 बच्चों के एनआरसी पहुंचने पर नाराजगी जतायी गयी. मोतीपुर, मुरौल और साहेबगंज के सीडीपीओ को हर माह कम से कम पांच बच्चों को एनआरसी भेजने का निर्देश दिया गया. खराब प्रदर्शन पर विभागीय कार्रवाई मीनापुर परियोजना के खराब प्रदर्शन पर सीडीपीओ के खिलाफ प्रपत्र ‘क’ के तहत कार्रवाई की अनुशंसा की गई. वहीं परवरिश योजना में लापरवाही और बैठक से अनुपस्थिति पर मुरौल के सीडीपीओ का वेतन स्थगित कर स्पष्टीकरण मांगा गया. बैठक में उप विकास आयुक्त श्रेष्ठ अनुपम, सिविल सर्जन डॉ. अजय कुमार, सदर अस्पताल अधीक्षक सहित सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
