बदलते मौसम में बढ़ रहा डायरिया का प्रकोप, बच्चों और बुजुर्गों पर सबसे ज्यादा असर

Diarrhea outbreak increasing in changing weather

मुजफ्फरपुर.

मौसम बदलते ही स्वास्थ्य संबंधी बीमारियां तेजी से बढ़ने लगी हैं. खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों पर इसका असर ज्यादा देखा जा रहा है. शहर और जिले के सरकारी व निजी अस्पतालों में डायरिया पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. आंकड़ों के मुताबिक, हर दिन दर्जन से अधिक बच्चे डायरिया से पीड़ित होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं.

चिकित्सकों के अनुसार, डायरिया से पीड़ित बच्चों को खांसी, सर्दी, उल्टी और दस्त जैसी समस्याएं होती हैं. समय पर इलाज नहीं मिलने पर बच्चों की जान पर भी खतरा हो सकता है. इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है. विभाग की ओर से सभी अस्पतालों को दवा, बेड, ओआरएस और स्लाइन की पर्याप्त व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं.

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. चिन्मयी शर्मा ने बताया कि डायरिया से बचाव के लिए सबसे जरूरी है साफ-सफाई और खानपान पर ध्यान देना. बच्चों को हमेशा ताजा और गर्म भोजन देना चाहिए. खाने से पहले हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोना जरूरी है. बाजार का बना भोजन बच्चों को न दें, क्योंकि इसमें संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है.

उन्होंने कहा कि अगर बच्चे को उल्टी-दस्त होने लगे और शरीर में पानी की कमी महसूस हो, तो तुरंत उसे ओआरएस का घोल पिलाना चाहिए और बिना देर किए नजदीकी चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए. लापरवाही की स्थिति में बच्चे की हालत गंभीर हो सकती है. चिकित्सकों का कहना है कि अभिभावक अगर थोड़ा सतर्क रहें और समय पर इलाज कराएं तो डायरिया से बच्चों को आसानी से बचाया जा सकता है.

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By Kumar Dipu

I am working as a senior reporter at Prabhat Khabar muzaffarpur. My writing focuses on health, political, social, and current topics.

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