जांच रिपोर्ट नहीं देने पर DEO के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, लगा जुर्माना, अधिकारियों में हड़कंप

पॉक्सो मामले में आरोपित की जन्मतिथि को लेकर स्कूल के स्थानांतरण प्रमाण पत्र की जांच रिपोर्ट मांगी गयी थी. रिपोर्ट दो निर्धारित तारीखों पर जमा नहीं होने पर विशेष पॉक्सो कोर्ट ने मुजफ्फरपुर डीइओ पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया.

मुजफ्फरपुर न्यूज: पॉक्सो मामले में आरोपित की जन्मतिथि से जुड़े प्रमाण पत्र की जांच कर रिपोर्ट जमा नहीं करने पर विशेष पॉक्सो कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. विशेष कोर्ट पॉक्सो एक्ट संख्या-1 के न्यायाधीश धीरेंद्र मिश्रा ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीइओ) पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है. कोर्ट के निर्देश के बावजूद दो निर्धारित तिथियों पर जांच रिपोर्ट जमा नहीं की गयी थी. मामले में अगली सुनवाई 14 सितंबर को होगी.

जन्मतिथि के प्रमाण पत्र की मांगी गयी थी जांच रिपोर्ट

मामला हथौड़ी थाना क्षेत्र से जुड़ा है. 18 जुलाई को एक महिला ने थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. इसमें आरोप लगाया गया था कि उनकी 17 वर्षीय पुत्री को शादी की नीयत से 16 जुलाई को अगवा कर लिया गया.

महिला ने मामले में एक आरोपित के अलावा उसका सहयोग करने के आरोप में रिश्तेदार समेत पांच लोगों को नामजद किया था. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 29 जुलाई को मुख्य आरोपित को गिरफ्तार किया था.

स्कूल के ट्रांसफर सर्टिफिकेट में अलग उम्र का दावा

गिरफ्तारी के बाद आरोपित की ओर से विशेष पॉक्सो कोर्ट में अर्जी दाखिल की गयी. अर्जी में उसके स्कूल के स्थानांतरण प्रमाण पत्र का हवाला दिया गया.

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, स्कूल के स्थानांतरण प्रमाण पत्र में आरोपित की जन्मतिथि 8 सितंबर 2008 दर्ज है. इसी जन्मतिथि से जुड़े दस्तावेज की जांच कर रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने की जरूरत थी.

दो तारीखों पर रिपोर्ट नहीं हुई जमा

जन्मतिथि से जुड़े प्रमाण पत्र की जांच के लिए कोर्ट की ओर से जिला शिक्षा पदाधिकारी से प्रतिवेदन मांगा गया था. लेकिन निर्धारित दो तिथियों पर डीइओ की ओर से रिपोर्ट जमा नहीं की गयी.

रिपोर्ट नहीं मिलने पर कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लिया और डीइओ पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया. अदालत की कार्रवाई के बाद अब जन्मतिथि से जुड़े प्रमाण पत्र की जांच रिपोर्ट जमा करने पर निगाह है.

14 सितंबर को होगी अगली सुनवाई

मामले में अगली सुनवाई 14 सितंबर को निर्धारित की गयी है. उस दिन जन्मतिथि से संबंधित जांच प्रतिवेदन सहित मामले की आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर सुनवाई होगी.

पॉक्सो मामलों में आरोपित की उम्र महत्वपूर्ण कानूनी पहलू होती है. ऐसे में स्कूल प्रमाण पत्र में दर्ज जन्मतिथि की जांच रिपोर्ट का समय पर कोर्ट में पेश होना मामले की आगे की कार्रवाई के लिए अहम माना जा रहा है.

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By Premanshu shekhar

I have 16 years of journalism experience, working as a Bureau Chief at Prabhat Khabar muzaffarpur. My writing focuses on crime,political, social, and current topics.I have experience covering assembly and parliamentary elections reporting.
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