राष्ट्रीय सेमिनार में एक देश एक पुस्तकालय कानून बनाने की उठी मांग

राष्ट्रीय सेमिनार में एक देश एक पुस्तकालय कानून बनाने की उठी मांग

मुजफ्फरपुर.

बीआरएबीयू के केंद्रीय पुस्तकालय स्थित सीनेट सभागार में तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन हुआ. बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने कहा कि हमारी सरकार 8,053 ग्राम पंचायतों, 533 प्रखंड समितियों एवं 36 जिला परिषदों में पुस्तकालय खोलेगी. यह अंतिम चरण में है. उन्होंने देश के कोने-कोने से आये प्रतिभागियों, विषय विशेषज्ञों एवं आयोजन समिति खासकर केंद्रीय पुस्तकालय के पुस्तकालय अध्यक्ष डॉ केके चौधरी को धन्यवाद दिया.

मुख्य अतिथि के तौर पर दिल्ली विश्वविद्यालय पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान के प्रोफेसर व दिल्ली विवि अंतर्गत गांधी भवन के निदेशक प्रो केपी सिंह ने कहा कि देश के युवा स्वामी विवेकानंद का अनुसरण करें, ताकि हमारा देश आगामी 2047 से पहले विकसित हो सके. लखनऊ विवि के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो (डॉ.) एमपी सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार को एक देश, एक पुस्तकालय अधिनियम बनाना चाहिये. इस दौरान डॉ अमित किशोर की ओर से लिखी गयी पुस्तक का लोकार्पण भी किया गया. कार्यक्रम के संयोजक व केंद्रीय पुस्तकालय के अध्यक्ष डॉ कौशल किशोर चौधरी ने स्वागत भाषण दिया. इस दौरान बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के उप-पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ संजीव सर्राफ के साथ डॉ मुन्ना यादव, ध्रुव कुमार ताम्रकार, सागर विश्वविद्यालय, एमपी से चन्द्रपाल यादव, आयोजन सचिव डॉ गौरी कुमारी, लखनऊ से प्रो सोनकर, कोलकाता से प्रो सुवर्णों दास, बोधगया ये डॉ. रूद्र नारायण शुक्ला, डॉ पूनम, गुवाहाटी से प्रो संजय सिंह, हाजीपुर से संदीप कुमार सहित कई विद्वान उपस्थित थे.

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