पीएचसी व हेल्थ वेलनेस सेंटरों पर प्रसव लक्ष्य से पीछे
Delivery at PHC and Health Wellness Centers falls
जिले में महज 65 प्रतिशत ही दर्ज हो सके सुरक्षित प्रसव
वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुरजिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) और हेल्थ वेलनेस सेंटरों पर अपेक्षा के अनुरूप प्रसव नहीं हो पा रहे हैं. इसका खुलासा एसीएमओ की समीक्षा बैठक में हुआ. जनवरी से दिसंबर तक की 12 माह की अवधि में जिले में महज 65 प्रतिशत ही प्रसव दर्ज किए जा सके हैं, जबकि सभी केंद्रों पर सुरक्षित प्रसव की सुविधा उपलब्ध है.
एसीएमओ डॉ. चंद्रशेखर प्रसाद ने समीक्षा के दौरान बताया कि कम प्रसव कराने वाले पीएचसी में मुशहरी, मुरौल और कटरा शामिल हैं. उन्होंने कहा कि जिले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से 14 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), चार पीएचसी और 189 हेल्थ वेलनेस सेंटर संचालित हैं, जहां प्रसव की व्यवस्था की गई है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है.कई केंद्रों पर 60 प्रतिशत से भी कम प्रसव
समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार जिले की पांच पीएचसी ऐसी हैं, जहां मात्र 60 प्रतिशत ही प्रसव हो सके हैं. वहीं, कई हेल्थ वेलनेस सेंटरों पर तो पूरे वर्ष में प्रसव का खाता तक नहीं खुल सका है. इससे विभागीय तैयारियों और जमीनी क्रियान्वयन के बीच बड़ा अंतर सामने आया है. विभागीय अधिकारियों का मानना है कि कुछ केंद्रों पर कम प्रसव होने के पीछे ग्रामीण महिलाओं में जागरूकता का अभाव एक बड़ा कारण है. इसके अलावा प्रसव के लिए एमसीएच और एसकेएमसीएच जैसे बड़े अस्पतालों की ओर महिलाओं का अधिक रुझान भी स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों के उपयोग में कमी का कारण बन रहा है.एसीएमओ ने संबंधित प्रभारियों को निर्देश दिया कि प्रसव सुविधाओं के प्रति ग्रामीण महिलाओं को जागरूक किया जाए, ताकि पीएचसी और हेल्थ वेलनेस सेंटरों पर उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके.
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