North Bihar Reel Accident: सोशल मीडिया पर रातों रात फेमस होने की चाहत अब घरों में मातम का सबब बन रही है. मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार के आठ जिलों में 'डिजिटल थ्रिल' का ऐसा जुनून सवार है कि युवा मौत को गले लगाने से भी नहीं हिचक रहे. बीते 48 माह के आंकड़ों पर नजर डाले तो मुजफ्फरपुर, बेतिया, मोतिहारी, दरभंगा और सीतामढ़ी जैसे जिलों में 22 से अधिक युवाओं की जान रील बनाने के चक्कर में जा चुकी है. कोई चलती ट्रेन के आगे कूद रहा है, तो कोई उफनती गंडक में छलांग लगा रहा है. तो कोई हाइवे पर बाइक से स्टंटबाजी करते हुए मौत को गले लगा रहा है. यह 'डिजिटल एडिक्शन' अब बेहद खतरनाक रूप ले चुका है. बीते 23 जनवरी को पश्चिमी चंपारण जिले के बेतिया में मुजफ्फरपुर - नरकटियागंज रेलखंड पर रील बनाने के चक्कर में अमृत भारत ट्रेन की चपेट में आने से दो युवकों की मौत ने पूरी सिस्टम को हिला दिया. माता- पिता को अपने बच्चों की निगरानी को लेकर सोचने पर मजबूर कर दिया है.
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Reel Accident:लाइक्स' का डोपामाइन और सिमटता विवेक
मनोचिकित्सक डॉ. एके झा के अनुसार, यह सिर्फ एक दुर्घटना नहीं बल्कि एक गहरी मानसिक विकृति है. "जब किसी युवा की रील पर 'लाइक्स' और 'हार्ट' के इमोजी आते हैं, तो उसके मस्तिष्क में डोपामाइन नामक न्यूरोट्रांसमीटर रिलीज होता है. यह वही केमिकल है जो ड्रग्स लेने पर रिलीज होता है. धीरे-धीरे युवा इस 'डिजिटल रिवॉर्ड' के आदी हो जाते हैं. उन्हें लगता है कि जितना ज्यादा जोखिम, उतना ज्यादा लाइक्स. इस चक्कर में उनके सोचने-समझने की शक्ति शून्य हो जाती है और वे मौत के खतरे को भी थ्रिल समझने लगते हैं.
माता- पिता अपने बच्चों पर रखें निगरानी
- व्यवहार पर नजर: यदि बच्चा रील पर लाइक्स कम मिलने पर चिड़चिड़ा हो रहा है या उदास रहता है, तो समझ लें कि वह 'डिजिटल एंग्जायटी' का शिकार है.
- स्क्रीन टाइम का अनुशासन: घर में 'नो फोन जोन' (जैसे डाइनिंग टेबल या बेड)
- तय करें. रात 10 बजे के बाद मोबाइल का इस्तेमाल कम करें.
- प्रोत्साहन का आधार बदलें: बच्चे की सराहना उसके रील या सोशल मीडिया स्टेटस के आधार पर नहीं, बल्कि उसके वास्तविक जीवन की उपलब्धियों या व्यवहार पर करें.
युवाओं के लिए: रील की लत से ऐसे पाएं मुक्ति
- साइबर विशेषज्ञ सह अधिवक्ता अनिकेत पीयूष का कहना है कि हफ्ते में कम से कम एक दिन या दिन में चार घंटे बिना सोशल मीडिया के बिताएं.
- रिस्क फैक्टर समझें: याद रखें, इंस्टाग्राम या फेसबुक की रील आपको सिर्फ 15 सेकंड की शोहरत देती है, लेकिन एक चूक पूरे परिवार को उम्र भर का दर्द दे सकती है.
- वास्तविक शौक पालें: वीडियो बनाने के बजाय खेल, संगीत या पेंटिंग जैसे वास्तविक शौक को समय दें, जहां आपका मुकाबला खुद से हो, ना कि व्यूज की भीड़ से.
जिले में सोशल मीडिया पर चर्चित रहा ये रील्स
सिटी पार्क में हथियार के साथ रील: सिटी पार्क में एक लड़की ने हथियार के साथ भोजपुरी गाने पर रील्स बनाया. सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने लड़की को ट्रेस किया. जांच में पता चला कि वह टॉय गन था. लड़की ने जिला पुलिस के सोशल मीडिया अकाउंट पर लाइव आकर माफी मांगी.कचहरी परिसर में अपराधी का रील: कचहरी परिसर में पेशी के दौरान शहर के एक अपराधी का हथकड़ी के साथ रील्स बनाया गया, जिसे सोशल मीडिया पर वायरल किया गया. तत्कालीन सिटी एसपी विश्वजीत दयाल ने इसकी जांच करके कार्रवाई का आदेश दिया.पुलिस जीप में शराब माफिया का रील: मिठनपुरा थाने की पुलिस जीप में एक शराब माफिया का रील्स वायरल हुआ था. नगर डीएसपी के आदेश पर वीडियो की जांच की गई तो वह एक साल पुराना निकला.
हाईस्पीड बाइक पर स्टंटबाजी: पताही हाईवे अड्डा में हाई स्पीड बाइक पर एक लड़की की स्टंटबाजी का रील्स सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. सदर थाने की पुलिस लड़की को चिन्हित कर थाने लायी. उसे फटकार लगाकर 32 हजार रुपये का चालान काटा गया.
जिले में यह है सबसे अधिक खतरनाक रील्स बनाने का स्पॉट
- पताही एयरपोर्ट
- संगम घाट रेलवे पुल
- अखाड़ाघाट पुल
- न्यू बाइपास मधुबनी फोरलेन
- सिटी पार्क,
- मोतिहारी फोरलेन
- दरभंगा फोरलेन
| जिला | घटनाएं | मृतक |
| पूर्वी चंपारण | 3 | 5 |
| समस्तीपुर | 2 | 3 |
| दरभंगा | 2 | 2 |
| पश्चिमी चंपारण | 2 | 4 |
| मधुबनी | 1 | 1 |
| सीतामढ़ी | 1 | 1 |
| हरियाणा (बेतिया निवासी) | 1 | 2 |
| रक्सौल | 1 | 1 |
उत्तर बिहार में दो साल में रील बनाने के दौरान हुई मौत
- 23 जनवरी: पश्चिमी चंपारण जिला के साठी स्टेशन के पास अमृत भारत एक्सप्रेस की चपेट में आने से दो युवकों की मौत
- 22 जनवरी : समस्तीपुर जिला के ताजपुर अषाढ़ी गांव की सीमा पर निर्माणाधीन फोरलेन पर रील बनाने के दौरान बाइक से स्टंट बाजी करने दो किशोर की मौत हो गयी.
- दो जनवरी : हरियाणा के झझड़ में रील बनाते समय बेतिया के रहने वाले जीजा- साले की ट्रेन से कटकर मौत
- 27 अगस्त 2024: पूर्वी चंपारण में बाइक पर रील बनाने के दौरान ट्रक से टक्कर में बाइक सवार तीन युवकों की मौत
- नवंबर 2025: पूर्वी चंपारण जिला के सुगौली में ट्रेन के पायदान पर लटक कर वीडियो बनाते समय खंबे से टकराने से युवक की मौत
- दिसंबर 2025:: चांदनी चौक ओवरब्रिज पर बाइक से स्टंटबाजी के दौरान नीचे गिरने से युवक की मौत
- सितंबर 2024: बूढ़ी गंडक नदी में कूदकर वीडियो बनाने के दौरान दो किशोर डूबे
- जून 2025:: समस्तीपुर के दलसिंहसराय में रेलवे ब्रिज पर रील के चक्कर में ट्रेन के चपेट में आने से युवक की मौत
- अक्टूबर 2025:: लहेरियासराय में बाइक से स्टंट करने के दौरान दुर्घटना में एक युवक की मौत
- जुलाई 2025:: दरभंगा के शोभन के पास तेज रफ्तार की बाइक पर वीडियो बनाने में डिवाइडर से टकराई बाइक एक की मौत
- 19 अक्टूबर 2024: मधुबनी जिला के रहिका सौराठ नहर किनारे स्टंट रील बनाने के दौरान किशोर की नदी में फिसलने से मौत
- 2025 में सीतामढ़ी के बागमती तटबंध पर बाइक से स्टंट बाजी करने के दौरान नियंत्रण खोने से एक की मौत
- अगस्त 2025:: रक्सौल में रेलवे यार्ड में खड़ी बोगी पर चढ़कर रील बनाने के दौरान हाइ वोल्टेज तार की चपेट में आने से युवक की मौत.
15 से 22 साल के लड़के सबसे अधिक करते हैं डिजिटल थ्रील
बीते दो साल में रील बनाने के चक्कर में जिन लड़कों की जान गयी है, उनमें से अधिकांश की उम्र 15 से 22 साल के बीच में है. इसके साथ ही सोशल मीडिया पर फेमस होने के चक्कर में हथियार के साथ रील्स बनाने में दो दर्जन से अधिक जेल भी भेजे जा चुके हैं.
सार्वजनिक स्थलों, रेल पटरियों या ऊंचे पुलों पर जान जोखिम में डालकर वीडियो बनाने वालों पर अब पुलिस की पैनी नजर है. ऐसे मामलों में न केवल वीडियो डिलीट कराए जाएंगे, बल्कि पब्लिक न्यूसेंस और जान जोखिम में डालने की धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी.
कांतेश कुमार मिश्रा , एसएसपी मुजफ्फरपुर
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