एइएस का दायरा बढ़ा, दूसरे जिलों के बच्चे भी पहुंचने लगे एसकेएमसीएच
Children also started reaching SKMCH
एइएस का दायरा बढ़ा, दूसरे जिलों के बच्चे भी पहुंचने लगे एसकेएमसीएच मुजफ्फरपुर. इस वर्ष एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) का प्रकोप केवल मुजफ्फरपुर जिले तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पड़ोसी जिलों में भी इसके मामले सामने आने लगे हैं. मुजफ्फरपुर के श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) के पीकू (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) में अब दूसरे जिलों से भी एईएस पीड़ित बच्चे इलाज के लिए पहुंच रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, मार्च और अप्रैल माह में मुजफ्फरपुर जिले में एईएस से पीड़ित 12 बच्चे पीकू में भर्ती हुए हैं. चिंताजनक बात यह है कि इसी अवधि में सीतामढ़ी और गोपालगंज से भी दो बच्चे एइएस से पीड़ित होकर एसकेएमसीएच पहुंचे हैं. रिपोर्ट में क्षेत्रवार आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले दो महीनों में मुजफ्फरपुर जिले के बोचहां प्रखंड से सबसे अधिक चार एईएस पीड़ित बच्चे पीकू में भर्ती हुए हैं. इसके बाद मुशहरी, कुढ़नी और पारू प्रखंडों का स्थान है, जहां से दो-दो बच्चे पीड़ित होकर अस्पताल पहुंचे हैं. मीनापुर और मोतीपुर से भी एक-एक बच्चे पीकू में भर्ती हुए हैं. वहीं, पड़ोसी जिलों से सीतामढ़ी और गोपालगंज से एक-एक बच्चा एईएस से पीड़ित होकर इलाज करा रहा है. शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. गोपाल शंकर साहनी ने बताया कि अब तक एसकेएमसीएच के पीकू में भर्ती हुए सभी एईएस पीड़ित बच्चों को सफल इलाज के बाद घर भेज दिया गया है. उन्होंने वर्तमान मौसम में हो रहे बदलाव को देखते हुए आशंका जताई कि आने वाले दिनों में उत्तर बिहार के अन्य जिलों से भी एईएस पीड़ित बच्चों के पीकू पहुंचने की संभावना है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि हर साल जिले में एईएस के सबसे अधिक मामले सामने आते हैं.
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