World Breastfeeding Week: विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर रोटरी क्लब द्वारा सोमवार को बथुआ नर्सिंग होम में एक विशेष स्तनपान जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नवजात शिशुओं की माताओं और उनके परिवारों को स्तनपान के महत्व, मां के दूध के पोषण मूल्य और शिशु के स्वस्थ व सर्वांगीण विकास में इसकी अहम भूमिका के प्रति जागरूक करना था.
पहला दूध (कोलोस्ट्रम) शिशु के लिए अमृत समान: डॉ. भारद्वाज
कार्यक्रम के प्रोजेक्ट मेंटर्स रोटेरियन डॉ. एचएन भारद्वाज और डॉ. अनुराधा भारद्वाज ने स्तनपान के वैज्ञानिक और चिकित्सीय महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि जन्म के तुरंत बाद मां का निकलने वाला पहला पीला गाढ़ा दूध (कोलोस्ट्रम) शिशु के लिए अमृत के समान होता है.डॉक्टरों ने कहा कि जीवन के शुरुआती छह महीनों तक शिशु के लिए केवल और केवल मां का दूध ही सर्वोत्तम तथा संपूर्ण आहार है. इससे बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और मां व शिशु दोनों का स्वास्थ्य बेहतर रहता है.
भ्रांतियों को किया दूर, बड़ी संख्या में जुटीं महिलाएं
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और माताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. इस दौरान उपस्थित महिलाओं ने स्तनपान से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने सरल और वैज्ञानिक तरीके से जवाब देते हुए समाज में फैली भ्रांतियों का निराकरण किया.इस अवसर पर रोटरी क्लब की अध्यक्ष रूपा सिन्हा, वरिष्ठ रोटेरियन सुधीर कुमार सिन्हा, डॉ. अजीत गौर, बीएल लाहौरी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे. सभी वक्ताओं ने स्तनपान को शिशु के स्वस्थ भविष्य की मजबूत नींव बताया.
समाज के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई
कार्यक्रम के अंत में रोटरी क्लब की ओर से उपस्थित सभी अतिथियों, चिकित्सकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया. रोटरी क्लब ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता को दोहराते हुए भविष्य में भी ऐसे जन-जागरूकता अभियान निरंतर आयोजित करने का संकल्प लिया
