Indian Banks Association: मुजफ्फरपुर में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर विभिन्न बैंकों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया. शाम के वक्त बीएसएनएल परिसर (इंडियन बैंक के समक्ष) में जुटे बैंकरों ने केंद्र सरकार और बैंक प्रबंधन की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की. बैंक कर्मियों ने लंबे समय से अटकी मांगों पर तुरंत निर्णय लेने की मांग उठाई है.
UFBU Bank Strike Muzaffarpur: द्विपक्षीय समझौते के बाद भी 5-दिवसीय बैंकिंग में देरी
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए असीम दास, मनोरंजनम, मृत्युंजय मिश्रा और सच्चिदानंद सिंह समेत अन्य वक्ताओं ने सरकार पर समझौतों की अनदेखी का आरोप लगाया. नेताओं ने कहा कि 12वें द्विपक्षीय समझौते (BPS) के तहत प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त काम करके सप्ताह में 5-दिवसीय बैंकिंग लागू करने पर IBA की सहमति बन चुकी है. इसके बावजूद केंद्र सरकार के स्तर पर यह मामला बीते दो सालों से लटका हुआ है.
भेदभावपूर्ण PLI नीति से कर्मचारियों के मनोबल को झटका
बैंकरों ने वित्त मंत्रालय की वर्तमान प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन (PLI) नीति का भी कड़ा विरोध किया. वक्ताओं ने इसे अत्यधिक भेदभावपूर्ण बताते हुए कहा कि स्केल-IV और उससे ऊपर के उच्च अधिकारियों को 365 दिनों तक का मूल वेतन पीएलआई के रूप में दिया जा रहा है. वहीं दूसरी तरफ, स्केल-III तक के अन्य कर्मियों को महज 15 दिनों का पीएलआई मिल रहा है, जिससे कर्मचारियों में काफी आक्रोश है.
मांगें न पूरी होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
यूएफबीयू के जिला संयोजक मनोरंजनम ने साफ कहा कि यदि सरकार ने सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन तेज किया जाएगा. इससे आम जनता को होने वाली परेशानियों की पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी. बैंक कर्मियों ने मांग रखी है कि 5-दिवसीय कार्य सप्ताह को बिना देरी लागू किया जाए और बैंक-स्तरीय प्रदर्शन पर आधारित एकसमान पीएलआई व्यवस्था को तुरंत बहाल किया जाए.
बैंकरों के आंदोलन और हड़ताल का पूरा शेड्यूल
- 11 सितंबर: एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी पूर्ण बैंक हड़ताल.
- 28, 29 और 30 सितंबर: तीन दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल.
- 26 अक्टूबर से: मांगों का समाधान न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल.
