पंचायत चुनाव को लेकर आर्म्स लाइसेंसों का सत्यापन शुरू, लापरवाही पर रद्द होगा लाइसेंस

पंचायत चुनावों को शांतिपूर्ण कराने के लिए मुजफ्फरपुर में आर्म्स लाइसेंसों का भौतिक सत्यापन शुरू हो गया है। यह अभियान 14 से 21 जुलाई तक चलेगा, जिसमें लापरवाही बरतने वाले शस्त्र धारकों के लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे।

Muzaffarpur Arms Verification: पंचायत चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह तैयारी में जुट गया है. मंगलवार से जिले के सभी 42 थानों और ओपी (आउटपोस्ट) पर आर्म्स लाइसेंसों के भौतिक सत्यापन का कार्य शुरू किया जा रहा है. जिला दंडाधिकारी कुमार गौरव ने इस संबंध में विस्तृत आदेश जारी कर दिया है. इस सत्यापन कार्य को पूरी तरह पारदर्शी और सुचारू रूप से चलाने के लिए विभिन्न दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति भी कर दी गई है.

14 से 21 जुलाई तक चलेगा सत्यापन अभियान

जिला दंडाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, आर्म्स लाइसेंस के सत्यापन का कार्य 14 जुलाई से शुरू होकर 21 जुलाई तक चलेगा. 19 जुलाई को रविवार होने के कारण सत्यापन का कार्य पूरी तरह स्थगित रहेगा. सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी निर्धारित अवधि में प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक अपने-अपने संबंधित थानों पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे. प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सत्यापन नहीं कराने वाले शस्त्र धारकों का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया जाएगा.

कारतूसों का भी दर्ज होगा पूरा विवरण, चौकीदार देंगे सूचना

सत्यापन प्रक्रिया के दौरान दंडाधिकारी न सिर्फ हथियारों की जांच करेंगे, बल्कि लाइसेंस धारक के पास उपलब्ध कारतूसों की संख्या की भी पूरी जानकारी लेंगे. इस पूरे विवरण को एक विशेष रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा. सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के लाइसेंस धारकों को स्थानीय चौकीदार के माध्यम से समय रहते इसकी सूचना भिजवाना सुनिश्चित करें, ताकि थानों पर बेवजह की भीड़ इकट्ठा न हो.

मृत लाइसेंस धारकों और बाहरी राज्यों के हथियारों पर कड़ा रुख

सत्यापन के दौरान इस बात की गहन जांच की जाएगी कि किसी लाइसेंस धारक की मृत्यु तो नहीं हो गई है. यदि किसी लाइसेंस धारक की मौत हो चुकी है और उसके उत्तराधिकारी द्वारा अब तक शस्त्र जमा नहीं कराया गया है, तो आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इसके अलावा नागालैंड, जम्मू-कश्मीर समेत अन्य राज्यों से स्वीकृत लाइसेंस धारकों के हथियारों का सत्यापन तब तक पूरा नहीं माना जाएगा, जब तक कि संबंधित राज्यों से इसकी पुष्टि नहीं हो जाती. तब तक ऐसे सभी हथियारों को संबंधित थाने में ही जमा रखा जाएगा.

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प्रभात कुमार, पत्रकारिता के क्षेत्र में प्रभात का 18 वर्षों का अनुभव है. प्रशासनिक नीतियों के विश्लेषण, राजनीतिक घटनाक्रमों की सटीक रिपोर्टिंग और खोजी पत्रकारिता में इनकी रुचि है. जटिल विषयों को सरल और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की इनमें क्षमता है.

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