आर्म्स एक्ट फैसला: मुजफ्फरपुर की अदालत ने अवैध हथियार बरामदगी और आर्म्स एक्ट के एक पुराने मामले में कड़ा फैसला सुनाया है. एडीजे-20 शरद चंद्र कुमार की अदालत ने मामले की अंतिम सुनवाई पूरी करते हुए दोषी सचिन कुमार को 5 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर 15 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना अदा न करने की स्थिति में अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ सकती है.
अदालत में पेश किए गए ठोस साक्ष्य और गवाह
अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत के समक्ष घटना से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्यों और गवाहों को प्रस्तुत किया गया. अभियोजन ने गवाहों के बयानों और पुलिस जब्ती सूची के आधार पर आरोपित की संलिप्तता को साबित किया. इसके बाद कोर्ट ने हथौड़ी थाना क्षेत्र के माधोपुर निवासी सचिन कुमार को दोषी ठहराते हुए सजा का ऐलान किया. इस चर्चित मामले में पूर्व में अहियापुर थाना क्षेत्र के पचगछिया निवासी इंद्रजीत कुमार को भी अदालत द्वारा सजा सुनाई जा चुकी है.
कॉलेज परिसर से हथियार संग पकड़े गए थे बदमाश
यह पूरा मामला सिकंदरपुर थाना क्षेत्र का है, जिसकी प्राथमिकी तत्कालीन थानाध्यक्ष देवव्रत कुमार के बयान पर दर्ज की गई थी:
- गुप्त सूचना पर छापेमारी: पुलिस को सूचना मिली थी कि राज नारायण सिंह कॉलेज (बालूघाट) परिसर में कुछ शातिर अपराधी अवैध हथियारों के साथ जुटे हुए हैं और किसी बड़ी वारदात की साजिश रच रहे हैं.
- तीन आरोपितों की गिरफ्तारी: पुलिस टीम ने तुरंत घेराबंदी कर कॉलेज परिसर से तीन बदमाशों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया था.
- हथियार व कारतूस की बरामदगी: पकड़े गए अपराधियों में इंद्रजीत कुमार, सिवरांहा बसंत निवासी संतोष कुमार और माधोपुर निवासी सचिन कुमार शामिल थे. तलाशी के दौरान मुख्य आरोपी के पास से एक लोडेड पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे.
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