आज रोहिणी नक्षत्र और शोभन योग में मनेगी अक्षय तृतीया

Akshaya Tritiya will be celebrated in Shobhan Yoga

By Vinay Kumar | April 29, 2025 9:41 PM

सुबह 9.08 बजे से सोना-चांदी खरीदने का शुभ मुहूर्त वाहन और जमीन की खरीदारी के लिये सुबह 9.45 से शुभ समय उपमुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर अक्षय तृतीया बुधवार को मनायी जायेगी. इस दिन रोहिणी नक्षत्र और शोभन योग का खास संयोग भी है. मान्यता है कि इस दिन खरीदी गयी चीजों का क्षय नहीं होता है. परंपरा के अनुसार अक्षय तृतीया पर सोने-चांदी, वाहन और भूमि खरीदने का शुभ योग है. पौराणिक ग्रंथों के अनुसार इस तिथि को जो भी शुभ कार्य किये जाते हैं, उनका अक्षय फल मिलता है, इसी कारण इसे अक्षय तृतीया कहा जाता है्र. वैसे तो सभी बारह महीनों की शुक्ल पक्षीय तृतीया शुभ होती है, लेकिन वैशाख माह की तृतीया तिथि स्वयंसिद्ध मुहूर्तो में मानी गयी है. अक्षय तृतीया सर्वसिद्ध मुहूर्त के रूप में भी विशेष महत्व रखता है. इस दिन बिना कोई पंचांग देखे कोई भी शुभ व मांगलिक कार्य जैसे गृह-प्रवेश, वस्त्र-आभूषणों, घर, भूखंड, वाहन की खरीददारी कर सकते हैं. पं.प्रभात मिश्र ने बताया कि इस बार वाहन एवं भूमि खरीदने का शुभ मुहूर्त सुबह 9.45 से शाम 5.57 तक है. वही सोना, चांदी, रत्न व अन्य समान की खरीदारी सुबह में 9.08 से रात्रि 7.15 मिनट तक है. इस तिथि को नवीन वस्त्र, आभूषण धारण करने और नई संस्था की स्थापना या उदघाटन का कार्य श्रेष्ठ माना जाता है. इस दिन गंगा स्नान करने व भगवत पूजन से समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं. जप, तप, हवन, स्वाध्याय और दान भी अक्षय हो जाता है. इस दिन पितरों को किया गया तर्पण, पिंडदान या किसी और प्रकार का दान, अक्षय फल प्रदान करता है. मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन मनुष्य जाने-अनजाने अपराधों की सच्चे मन से ईश्वर से क्षमा प्रार्थना करें तो भगवान उसके अपराधों को क्षमा कर देते हैं और उसे सदगुण प्रदान करते हैं, इसलिए इस दिन अपने दुर्गुणों को भगवान के चरणों में सदा के लिए अर्पित कर उनसे सदगुणों का वरदान मांगना चाहिये. चारों युगों जैसे सत्ययुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग और कलियुग में से त्रेतायुग का आरंभ इसी दिन हुआ था, इसलिए इसे युगादि तिथि भी कहते हैं.

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