कॉलेजों में गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के 627 पद रिक्त

627 posts of non-teaching staff vacant in colleges

कामकाज पर पड़ रहा है असर

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

बीआरएबीयू और इसके अंगीभूत कॉलेजों में गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों की भारी कमी से कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. विवि मुख्यालय से लेकर 39 अंगीभूत कॉलेजों तक, ग्रेड-3 व ग्रेड-4 के 627 पद खाली हैं. इसके चलते प्रशासनिक, वित्तीय व शैक्षणिक गतिविधियां किसी तरह चल रही हैं. छात्रों की बढ़ती संख्या के बावजूद, कर्मचारियों की कमी के कारण कार्य का दबाव लगातार बढ़ रहा है. कर्मचारियों के रिटायर होने के बाद से लंबे समय तक सीधी भर्ती नहीं होने से यह संकट गहराया है. विवि ने जून में ही रिक्तियों का ब्योरा तैयार कर उच्च शिक्षा निदेशालय को भेज दिया है, जिसके बाद अब सरकार की ओर से नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है. विवि मुख्यालय में ग्रेड-3 व 4 के 279 पद खाली हैं.

कर्मचारियों की कमी के चलते एक विभाग से दूसरे विभाग में कर्मियों को बुलाकर काम चलाया जा रहा है. ग्रेड-3 (180 पद रिक्त), इसमें असिस्टेंट के 58, सेक्शन ऑफिसर के 7, टाइपिस्ट के 24, अपर डिवीजन क्लर्क के 11, स्टोरकीपर के 6 व प्रोफेशनल लाइब्रेरी असिस्टेंट के 4 पद शामिल है. ग्रेड-4 (99 पद रिक्त), इसमें परिचारी के 70, स्वीपर के 5, सिक्योरिटी के 4 और टेक्निकल के 30 पद शामिल है. कई कॉलेजों में प्राचार्यों ने अपने स्तर पर दैनिक वेतनभोगी कर्मियों की नियुक्ति कर ली है, जिस पर विश्वविद्यालय ने जवाब मांगा है.

लैब व लाइब्रेरी का काम प्रभावित

अंगीभूत कॉलेजों में ग्रेड-3 के 348 पद खाली है. स्थिति इतनी गंभीर है कि लैब व लाइब्रेरी के साथ-साथ अकाउंट संबंधी काम भी प्रभावित हो रहे हैं. कॉलेजों में एलडीसी के 88, यूडीसी के 79, असिस्टेंट के 49, हेड असिस्टेंट के 11 व अकाउंटेंट-असिस्टेंट अकाउंटेंट के 14 पद रिक्त हैं. इसके अलावा, लाइब्रेरियन के 25, असिस्टेंट लाइब्रेरियन के 13, पीटीआइ के नौ और लैब इंचार्ज के 52 पद खाली हैं.

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Published by: Lalitansoo

ललितांशु, पत्रकारिता के क्षेत्र में बीते 16 वर्षों से सक्रिय ललितांशु के लिए 'पॉजिटिव खबरों' को चुनना और उन्हें समाज के सामने लाना प्राथमिकता और जुनून रहा है. रेल और सोशल मीडिया से जुड़ी खबरों से इनका अधिक जुड़ाव है.

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