मुजफ्फरपुर : रेलवे क्षेत्र, पटरी या चलती ट्रेन में सेल्फी लेने के चक्कर में हो रही मौतों से चिंतित रेलवे बोर्ड ने कड़ा रुख अपनाते हुए अब ऐसे लोगों पर कार्रवाई करने का निर्णय लिया है. अब सेल्फी लेते पकड़े जाने पर दो हजार रुपये जुर्माना व छह माह जेल की सजा हो सकती है. इस संबंध में आरपीएफ व जीआरपी को रेलवे बोर्ड की ओर से निर्देश दिया गया है.
युवा पीढ़ी इन दिनों रेलवे ट्रैक, ट्रेन के गेट व अन्य जगहों पर टिक टॉक वीडियो बनाकर लाइक के लिए इसे शेयर करती है. इसमें थोड़ी सी लापरवाही की वजह से जान चली जाती है. इस तरह की घटनाओं से पुलिस प्रशासन भी चिंतित है. कई बार तो रामदयालु स्टेशन सहित अन्य जगहों पर कई युवा बाल-बाल बच गये थे.
रेलवे बोर्ड के डायरेक्टर पी श्रीनिवास ने अपने पत्र में कहा कि ट्रेन या पटरियों पर कितनी मौतें हो चुकी हैं, इसकी रिपोर्ट तैयार करायी गयी थी. इसमें यह बात सामने आयी कि रेल प्रशासन की ओर से जागरूकता अभियान चलाने के बावजूद चलती ट्रेन के अंदर, कोच के दरवाजे पर खड़े होकर, प्लेटफॉर्म के किनारे खड़े होकर या आती हुई ट्रेन के साथ सेल्फी लेने के चक्कर में लोग दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं. पहले सेल्फी में कार्रवाई का प्रावधान नहीं था, लेकिन अब रेलवे ने जुर्माना वसूलने के साथ-साथ जेल भेजने का प्रावधान किया है. पत्र के आलोक में जीआरपी और आरपीएफ ने तैयारी शुरू कर दी है.
सेल्फी के चक्कर में कई की जा चुकी है जान
घटना 1 : नौ मई को मुजफ्फरपुर नारायणपुर रेलखंड के आमगोला मिस्कॉट लेन के पास एक स्कूली छात्र हेडफोन लगाकर ट्रैक पर टिकटॉक वीडियो बना रहा था. ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत हो गयी.
घटना 2 : पिछले वर्ष मई माह में नारायणपुर स्टेशन पर लगी मालगाड़ी के ऊपर चढ़ कर सेल्फी लेने के चक्कर में सिकंदरपुर के रहने वाले रोहन उर्फ मन्नू की मौत हो गयी थी. वहीं उसका दूसरा साथी बाल-बाल बच गया था.
घटना 3 : मुजफ्फरपुर-नरकटियागंज रेलखंड पर दामोदरपुर गुमटी के पास सवारी गाड़ी की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गयी. लोगों ने बताया था कि पटरी पर सेल्फी लेने के दौरान ट्रेन की चपेट में आकर युवक कट गया.
