जब बड़ा बैंक बनाना है, तो िनजी बैंक को लाइसेंस क्यो

मुजफ्फरपुर : बैंक मर्जर से बेरोजगारी बढ़ेगी और आमजन की सुविधाएं घटेगी. बैंकों की सबसे बड़ी समस्या एनपीए है. एनपीए व आर्थिक मंदी से ध्यान हटाने के लिए मर्जर का निर्णय लिया गया. बैंक की समस्या का समाधान बड़े नहीं बल्कि मजबूत बैंक है. दुनिया में 2008 में आये मंदी में विश्व के बड़े-बड़े बैंक […]

मुजफ्फरपुर : बैंक मर्जर से बेरोजगारी बढ़ेगी और आमजन की सुविधाएं घटेगी. बैंकों की सबसे बड़ी समस्या एनपीए है. एनपीए व आर्थिक मंदी से ध्यान हटाने के लिए मर्जर का निर्णय लिया गया. बैंक की समस्या का समाधान बड़े नहीं बल्कि मजबूत बैंक है. दुनिया में 2008 में आये मंदी में विश्व के बड़े-बड़े बैंक फेल कर गये, लेकिन भारत के सरकारी बैंकों पर इसका असर नहीं पड़ा.

जब बड़ा बैंक बनाना है तो छोटे-छोटे निजी बैंक का लाइसेंस क्यों दिया जा रहा है. 20 सितंबर को संसद के समक्ष प्रदर्शन है उसके बाद आगे की रणनीति तय होगी. उक्त बातें मझाैलिया रोड के एक विवाह भवन में ओरिएंटल बैंक (ओबीसी) इंप्लाइज यूनियन बिहार के त्रैवार्षिक सम्मेलन के उद‍्घाटनकर्ता एआइबीइए के संयुक्त सचिव सह बीपीबीइए के महासचिव अनिरूद्ध कुमार ने कही. वक्ताओं ने कहा कि मर्जर होने से बैंक की शाखाएं बंद होंगी, रोजगार कमेगा.
वक्ताओं में मुख्य अतिथि ऑल इंडिया ओबीसी इंप्लाइज फेडरेशन के महासचिव केएच पांडेय, एजीएम आरएल दास, ओबीसीओए के महासचिव सुमित आनंद सहित विभिन्न संगठनों के बैंक प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे. मौके पर चंदन कुमार, श्वाती प्रिया, अली आजाद, अनुप कुमार, राकेश कुमार, विजेंद्र कुमार, मनोरंजन कुमार, धर्मेंद्र कुमार, जितेंद्र उपाध्याय, मुकेश कुमार, जावेद आदि प्रमुख रूप से मौजूद थे.
बनी नयी कमेटी : इस दौरान नये कमेटी की घोषणा हुई. अनिल झा अध्यक्ष, मनोज कुमार महासचिव, मुकेश कुमार कोषाध्यक्ष, राजेश कुमार सचिव, संजीव कुमार संगठन सचिव, धर्मेंद्र कुमार व कुंदन लाल सहायक सचिव, गिरधर कुमार गिरधर व उदय प्रकाश चौधरी उपाध्यक्ष, मनोज घोष सहायक कोषाध्यक्ष और सौरभ कुमार, सुधीर कुमार मिश्रा, नवीन कुमार, आकाश रजक, श्याम बाबू व राजेश कुमार को कार्यसमिति सदस्य में शामिल हुए.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar digital desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >