चमकी-बुखार से और चार बच्चों की मौत

मुजफ्फरपुर : चमकी-बुखार से बीमार बच्चों की मौत की सिलसिला जारी है. लगातार चौथे दिन शनिवार को एसकेएमसीएच व केजरीवाल अस्पताल में चार बच्चों ने दम तोड़ दिया. 12 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इनमें से पांच बच्चों की हालत गंभीर बनी हुई है. मृत बच्चों में एसकेएमसीएच के पीआईसीयू वार्ड में […]

मुजफ्फरपुर : चमकी-बुखार से बीमार बच्चों की मौत की सिलसिला जारी है. लगातार चौथे दिन शनिवार को एसकेएमसीएच व केजरीवाल अस्पताल में चार बच्चों ने दम तोड़ दिया. 12 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

इनमें से पांच बच्चों की हालत गंभीर बनी हुई है. मृत बच्चों में एसकेएमसीएच के पीआईसीयू वार्ड में इलाजरत वैशाली जिले के भगवानपुर के सात वर्षीय प्रिंस कुमार, अहियापुर के बेलहिया गांव के मो इदरीश के चार वर्षीय पुत्र मो जाहिद व शिवहर के टेरमा विशुनपुर की सात वर्षीय चंदा कुमारी शामिल है. मीनापुर प्रखंड के अली नेउरा के साढ़े पांच वर्षीय अंशुकुमार की मौत केजरीवाल अस्पताल आने के क्रम में रास्ते में ही हो गयी. पिछले 72 घंटों में 14 बच्चों की मौत हो चुकी है. इस साल चमकी बुखार से बीमार 25 बच्चे दम तोड़ चुके हैं.

12 बच्चों का इलाज चल रहा

एसकेएमसीएच व केजरीवाल अस्पताल में 12 बच्चों का इलाज चल रहा है. एसकेएमसीएच के पीआईसीयू में भर्ती मीनापुर की गुड़िया कुमारी, मुशहरी की सात वर्षीय शांति कुमारी, अहियापुर तिलैया का सात वर्षीय मो. जाहिर, अहियापुर मझौलिया की छह वर्षीय प्रियांशु कुमारी, मीनापुर के अली नेअरा की सात वर्षीय प्रिया कुमारी का इलाज चल रहा है. वहीं केजरीवाल अस्पताल में अहियापुर मिठनसराय की दस वर्षीय दीपा कुमारी, औराई बलिया का तीन वर्षीय बब्बू साह, सीतामढ़ी के मनसाफरकपुर का तीन वर्षीय अंशु कुमार, पूर्वी चंपारण के राजेपुर थाना के फतेपुर का दो वर्षीय रीतिक कुमार, मीनापुर पानापुर की तीन वर्षीय मंजू कुमारी, मड़वन के करजा फंदा का सात वर्षीय शाहिल कुमार, कांटी के शुभंकरपुर की तीन वर्षीय खुशी कुमारी का एईएस वार्ड में इलाज हो रहा है.

जेई एइएस के राज्य समन्वयक कर रहे कैंप

जिले में अज्ञात एइएस, जेई व चमकी तेज बुखार से पीड़ित बच्चों का इलाज बेहतर तरीके से हो रहा है या नहीं, इस पर नजर रखने के लिए पटना जेई एइएस के राज्य समन्वयक संजय कुमार मुजफ्फरपुर में कैंप कर रहे हैं. वे एसकेएमसीएच व केजरीवाल अस्पताल में बीमारी का पता कर रहे हैं. जिन बच्चों की मौत हो रही है या जो बीमार बच्चे भर्ती हो रहे हैं, उसकी रिपोर्ट वे पटना मुख्यालय भेज रहे हैं.

सिविल सर्जन डॉ शैलेश प्रसाद सिंह ने बताया कि जिले में अबतक सात बच्चों की अज्ञात एइएस से और एक बच्चे की मौत जेई से हो चुकी है. एसकेएमसीएच के शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ गोपालशंकर सहनी पीआईसीयू की खुद मॉनीटरिंग कर रहे हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >