मुजफ्फरपुर: जदयू के बागी विधायकों की बैठक मंगलवार को स्थानीय परिसदन में हुई. बैठक के बाद बागी विधायक सुरेश चंचल, अजीत कुमार व राजू कुमार सिंह राजू ने डीएम अनुपम कुमार से मिल कर अपने निर्णय व समस्याओं से अवगत कराया. विधायकों ने डीएम से राशन कार्ड वितरण, बिजली की समस्या, विधायक फंड की राशि उपलब्ध नहीं होने व एइएस के संबंध में विस्तार से चर्चा की.
विधायकों ने इन सभी मामलों में डीएम से अविलंब कार्रवाई करने की मांग की. बागी विधायकों का नेतृत्व कर रहे सकरा विधायक सुरेश चंचल ने बताया कि 27 जून से शुरू होने वाले विधान सभा सत्र में राशन कार्ड वितरण में हुई गड़बड़ी के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जायेगा. मुखिया संघ ने राशन कार्ड के मुद्दे को लेकर जो निर्णय लिया है, इसमें भी सभी विधायक साथ देंगे. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जनगणना में व्यापक गड़बड़ी हुई है.
राजद से हाथ मिलाने के लिए नहीं मिला था समर्थन : राजद से दोस्ती के मुद्दे पर सुरेश चंचल ने कहा, पूर्व सीएम नीतीश जी ने कहा था, मर जायेंगे, मिट जायेंगे, लेकिन लालटेन से हाथ कभी नहीं मिलाएंगे. उन्होंने जनता से किये वादों को भूल कर जंगल राज से हाथ मिला लिया. नीतीश कुमार की दोहरी नीति के कारण ही 18 विधायकों को बागी बनना पड़ा. कार्यकर्ताओं के सम्मान के लिए विधायकों को मोरचा खोलना पड़ा है.
सत्ताधारी दल के मुख्य सचेतक श्रवण कुमार ने विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू, राहुल कुमार, रवींद्र राय व नीरज कुमार उर्फ बबलू को नोटिस भेज कर जो स्पष्टीकरण मांगा है, वह उचित नहीं है. राष्ट्रपति व राज्य सभा चुनाव में पार्टी ह्लीप जारी नहीं किया जाता है. इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के आदेश व निर्देश से अवगत कराया जा चुका है. हालांकि, इससे उन पर फर्क पड़ने वाला नहीं है. विधायक जनता की पीड़ा को सरकार तक पहुंचाने का काम करता है. उन पर ही नीतीश कुमार को विश्वास नहीं है. उनकी नजर में अफसर ही सही है. यही नहीं, लगातार कार्यकर्ताओं की हत्या हो रही है. पुराने समर्पित कार्यकर्ताओं को उपेक्षित किया जा रहा है. वहीं बाहरी को सम्मानित किया जा रहा है. इस मुद्दे को लेकर विधायक जनता के बीच जायेंगे. इसका फैसला जनता की अदालत में होगा. गरीबों को राशन कार्ड नहीं मिल रहा है. इस मुद्दे को 27 जून से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में उठाया जायेगा. मुखिया संघ ने राशन कार्ड मुद्दे को लेकर जो निर्णय लिया है, इसमें सभी विधायक साथ देंगे.
